हरियाणा रोडवेज के चालक की पिटाई करने वाले पुलिस अफसर को उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मारपीट में शामिल पुलिस अफसर व कर्मचारियों की शिनाख्त फोटो के आधार पर करने की कोशिश भी की, लेकिन रात के अंधेरे में पिटाई होने पर चालक आरोपियों को पहचान नहीं पाया। दो बार फोटो भेजे गए। इसके बाद लखनऊ पुलिस आयुक्त ने पीड़ित चालक से बातचीत की।
उन्होंने मोबाइल पर घटना की लोकेशन और पिटाई करने वालों के बारे में जाना। जिस पर चालक ने बताया कि गोरखपुर का रास्ता पूछने पर पिटाई करने वाले पुलिस कर्मी की वर्दी पर दो स्टार लगे थे। कुछ समय बाद बाराबंकी के प्रभारी डीएसपी ने भी खुर्शीद से मोबाइल पर बात कर घटना को पुख्ता किया। खुर्शीद के बयान दोहराने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई अमल में लाई है। सीएम मनोहर लाल ने पलवल डिपो के चालक खुर्शीद की शिकायत का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश में अपने समकक्ष योगी आदित्यनाथ के ध्यान में पूरा मामला लाया था।
उसके बाद ही उत्तर प्रदेश सरकार हरकत में आई। हरियाणा परिवहन विभाग के महानिदेशक वीरेंद्र दहिया ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अफसर को निलंबित किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बीते 29 मार्च को आधी रात रास्ता पूछने पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने बाराबंकी चौक पर खुर्शीद को पीटा था। खुर्शीद की ड्यूटी गाजियाबाद के लाल कुंआ से प्रवासी मजदूरों को सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर छोड़ने के लिए लगी थी।
52 सीट की बस में भर दिए 100 मजदूर
जिस बस में खुर्शीद की ड्यूटी लगी थी, वह 52 सीटर थी। लाल कुंआ से पहले उन्हें आगरा भेजा जा रहा था, लेकिन बस में मजदूरों की संख्या कम होने पर उन्हें गोरखपुर जाने के आदेश हुए। बाद में बस में 100 मजदूरों को यूपी के अधिकारियों ने भर दिया। अगर कोई अनहोनी होती तो खुर्शीद भी लपेटे में आते।
दो स्टार वाले ने डंडे से पीटा, बाकी थप्पड़ मारते रहे
रोडवेज चालक खुर्शीद का कहना है कि गोरखपुर जाते समय वह रात लगभग साढ़े 12 बजे बाराबंकी चौक पर पहुंचे। उन्हें लगा कि कहीं रास्ता गलत न हो, इसलिए पुलिस से पूछा। फिर क्या था, बेवजह दो स्टार वाले पुलिस अफसर ने डंडे से पीटना शुरू कर दिया और बाकी 4-5 कर्मचारी थप्पड़ व गले पर मारते रहे।
कितनी पड़ी, मालूम नहीं, भागकर मुश्किल से जान बचाई व आगे बढ़ा। अब तक डंडे के निशान शरीर पर मौजूद हैं। उनसे पुलिस आयुक्त व डीएसपी ने पूरी पूछताछ की, जिसमें उन्होंने पूरी घटना बताई। अंधेरा होने के कारण वह किसी का चेहरा पहचान नहीं पाए, उनके व्हाट्सएप पर पांच पुलिस कर्मियों के फोटो भेजे गए थे, सिर्फ स्टार ही याद रहे।
रोडवेज कर्मी का सम्मान बरकरार रखने के लिए सीएम का धन्यवाद
परिवहन महानिदेशक वीरेंद्र दहिया ने कहा कि हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी की शिकायत पर सीएम ने तुरंत कार्रवाई की। कर्मचारी का मान-सम्मान बरकरार रखने के लिए वह सीएम मनोहर लाल के धन्यवादी हैं। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव सरबत पूनिया ने भी सीएम का आभार जताया है। उन्होंने भी घटना के बाद कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।