जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा स्थित चांजमुल्ला में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में पिंजौर निवासी मेजर अनुज सूद शहीद हो गए। परिवार उनके आने की राह देख रहा था, क्योंकि उन्होंने लॉकडाउन खत्म होने पर घर आने की बात कही थी, लेकिन उनकी शहादत की खबर घर में पहुंच गई। शहीद मेजर अनुज सूद (30) के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके पिंजौर स्थित अमरावती एनक्लेव के मकान नंबर 38 में पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई।
मेजर का पार्थिव शरीर कब और कहां लाया जाएगा, अभी इस बारे में पता नहीं चल पाया है। वह 21 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। मेजर अनुज के पिता सीके सूद अमरावती एन्क्लेव के मकान नंबर 38 में रहते हैं। पिता सीके सूद ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) हैं और माता सुमन यमुनानगर के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनकी दो बहनों में से एक आस्ट्रेलिया में सेटल है जबकि दूसरी आर्मी में है। मेजर अनुज सूद की दो साल पहले शादी हुई थी। अभी उनका कोई बच्चा नहीं है।
पिता बोले- बेटे की शहादत पर फख्र
यदि किसी व्यक्ति के जवान बेटे की जवानी में मौत हो जाए तो मां-बाप का कलेजा फट जाता है पर शहीद के पिता का जिगर भी अपने शहीद बेटे के समान था। उन्होंने अपने बेटे की शहादत पर फख्र जताया। एक तरफ बेटे ने सीने पर गोली खाकर देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। वहीं दूसरी ओर इस दुख की घड़ी में भी शहीद के मां-बाप ने अपनी आंखों से आंसू छलकने नहीं दिए।।
शहीद ने पिता को तीन दिन पहले कहा था- वह घर आ रहा है
शहीद के पिता रिटायर्ड ने बताया कि उनकी अपने बेटे से तीन दिन पहले बात हुई थी। वह कह रहा था कि वह घर आ रहा है। लॉकडाउन खुलने पर आज उनके बेटे ने घर आना था। उनके बेटे ने देश कि लिए बहुत बड़ा त्याग किया है। यह उसकी ड्यूटी का हिस्सा है जिसके लिए उन्हें ट्रेंड किया जाता है। उन्होंने बहू के प्रति चिंता जताई।
अनुज को स्कूल में फौजी के नाम से बुलाते थे दोस्त
शहीद के पिता के दोस्त कर्नल बीएस संधू ने बताया कि अनुज को स्कूल में उसके दोस्त फौजी बुलाते थे। अनुज का स्कूल के समय से ही सपना था कि वह आर्मी में अफसर बनकर देश की सेवा करे। संधू ने बताया कि शहीद मेजर अनुज सूद अपने पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर को अपनी प्रेरणा मानते थे।
अमरावती रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने शहीद को किया नमन
एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा ने शहीद की शहादत पर सैल्यूट करते हुए शहीद की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि शहीद की शहादत के उपरांत पीछे रह गए परिवार को इस दुख की घड़ी में सरकार, प्रशासन और हम सभी इतना प्यार, आदर, सम्मान देना चाहिए जिससे उनका दुख कुछ कम हो सके।
मेजर अनुज की शहादत पर सीएम, स्पीकर ने जताया शोक
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पंचकूला के मेजर अनुज सूद के पिता ब्रिगेडियर सीके सूद से टेलीफोन पर बातचीत कर सांत्वना दी है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कश्मीर के हंदवाड़ा के एक घर में नागरिकों को आतंकवादियों ने बंधक बना लिया था, जिनको छुड़ाने के लिए आपरेशन के दौरान मुठभेड़ में पांच सैनिक शहीद हो गए, जिनमें मेजर अनुज सूद भी शहादत को प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि हमें अपने जवानों पर गर्व है जो विपरीत परिस्थितियों में देश सीमाओं की रक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने पंचकूला के अमरावती स्थित एन्कलेव में पहुंचकर शोक संतप्त परिवार का ढांढस बंधाया। उन्होंने शहीद के पिता बिग्रेडियर चंद्रकांत व उनकी माता सुमन से मुलाकात कर शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।