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खुद को कोरोना फाइटर समझें, लॉकडाउन का तनाव दूर होगा, डॉक्टर से पांच सवाल और जवाब

Fri, 24 Apr 2020 11:23 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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लॉकडाउन में मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए शुरू की गई अमर उजाला की हेल्पलाइन पर आज हमारे विशेषज्ञ फिजिशियन डॉ. गुरप्रीत सिंह भाटिया हैं। डॉ. गुरप्रीत सिंह से खांसी, बुखार, कोरोना वायरस, थायराइड और गठिया संबंधी सवाल पूछ सकते हैं। सवाल शाम चार बजे तक chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर मेल या 8054009839 पर व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं। अपना नाम, उम्र, जगह के बारे में लिखना न भूलें। अधूरे सवालों को शामिल नहीं किया जाएगा। वीरवार को सवालों के जवाब दिए वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. सतीश कुमार थापर ने....
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सवाल: मेरी मां की उम्र 43 साल है। दिमाग में अजीब विचार आते हैं। उन्हें चिंता, घबराहट व अपराधबोध महसूस होता है। पिछले पांच साल से उन्हें प्राब्लम है। साल में एक बार ऐसी प्राब्लम आती है। दवा लेने पर नार्मल हो जाती हैं।
- पूजा, पंचकूला
जवाब: आपकी मां सीजनल डिप्रेशन का शिकार हैं। दवा लंबे समय तक चलनी है। डाक्टर से बिना पूछे दवा नहीं बंद करनी है। दवा बंद करने से ऐसी प्राब्लम आ सकती है। नजदीकी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
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सवाल: मेरी उम्र 58 साल है। पिछले 40 साल से स्मोकिंग और 30 सालों से शराब पी रहा हूं। मैं इसे छोड़ना चाहता हूं, लेकिन मेरे अंदर वह इच्छाशक्ति नहीं है। मुझे इससे दिक्कत भी आ रही है।
- राजीव, जीरकपुर
जवाब: आप देखें कि किस वक्त की सिगरेट आसानी से छोड़ सकते हैं। कहने का मतलब यह है कि कुछ सिगरेट ऐसी होंगी, जो बिना किसी वजह से पीते होंगे। उसे छोड़ दें। जिस वक्त की नहीं छोड़ सकते, उसे आधी तोड़कर पीएं। इससे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ेगा। उसके बाद एक तारीख को सुनिश्चित कर लें कि जिस दिन आप सिगरेट छोड़ना चाहते हो। रोजाना उस तारीख को याद करें। उससे पहले किसी मनोचिकित्सक से मिल लें।

तलब कम करने की दवाइयां मिलेंगी। शराब छोड़ने के लिए आपको मोटिवेशन चाहिए होगी। अपने टेस्ट करवाएं, जो रिपोर्ट आएगी, उसे थोड़ी मोटिवेशन मिल सकती है। शाम के वक्त जल्दी खाना खाएं। इससे शराब नहीं पी पाएंगे। मनोचिकित्सक से मिलें, जो तलब दूर करने की दवाइयां देंगे। जो लोग शराब नहीं पीते हैं, उनके साथ रहे। साथ ही सोशल वर्क, धार्मिक गतिविधियां व एक्सरसाइज पर ध्यान लगाएं। फायदा मिलेगा।
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सवाल: मेरी उम्र 34 साल है। मैं रोजाना शराब पीने का आदी हूं। लॉकडाउन की वजह से शराब नहीं मिल पा रही है। इससे मुझे बैचेनी और घबराहट महसूस होती है। रात में नींद नहीं आती। तनाव में हूं।
- सुशील, खरड़
जवाब: शराब पीने से तनाव खत्म नहीं होता, बल्कि बढ़ जाता है। लंबे समय से शराब पीने से दिमाग की नसें कमजोर हो जाती हैं, जो तनाव को जन्म देती हैं। शराब छोड़ने से पांच से छह दिन की दिक्कत आती है। यदि नींद की प्राब्लम है तो किसी डाक्टर से बात कर लें। साथ ही मल्टी विटामिन का सेवन शुरू कर दें। ज्यादा शराब पीने से शरीर में विटामिन नहीं लगता है और इसकी कमी होने लगती है।

सवाल: कोरोना की खबर देखकर तनाव से भर गया हूं। मुझे हर जगह निगेटिविटी दिखाई पड़ने लगी है। ऐसा क्यों हो रहा है। कोई उपाय बताएं।
- निखिल, सेक्टर 34 चंडीगढ़
जवाब: इस समय काफी कॉमन प्राब्लम है। किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह इतना लंबा चलेगा। कोरोना संबंधी खबर को देखना या सुनना बंद कर दें। इस समय को सेल्फ डेवलेपमेंट व फिजिकल हेल्थ के लिए देखे। बहुत से काम ऐसे होंगे, जो बचपन में खूब करते होंगे। उन्हें दोबारा से करने की कोशिश करें। लॉकडाउन को देश के साथ जोड़े। खुद को कोरोना फाइटर समझें। क्योंकि जब आप घर पर रहेंगे, तो देश सुरक्षित रहेगा। इससे तनाव दूर होगा।

सवाल: मेरे पति मुझे टॉर्चर करते हैं। कभी-कभी आत्महत्या के ख्याल आते हैं और मैं कई चीजें भूलने लगी हूं।
- सोनी, राजपुरा
जवाब: पति का टॉर्चर आप पर हावी हो गया है। इसके लिए आप किसी खास मित्र व रिश्तेदार से बात करें। तनाव की वजह से आप चीजें भूलने लगी हैं। आप किसी काउंसलर व मनोचिकित्स की मदद लें।
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