लॉकडाउन में मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए शुरू की गई अमर उजाला की हेल्पलाइन पर आज हमारे विशेषज्ञ फिजिशियन डॉ. गुरप्रीत सिंह भाटिया हैं। डॉ. गुरप्रीत सिंह से खांसी, बुखार, कोरोना वायरस, थायराइड और गठिया संबंधी सवाल पूछ सकते हैं। सवाल शाम चार बजे तक chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर मेल या 8054009839 पर व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं। अपना नाम, उम्र, जगह के बारे में लिखना न भूलें। अधूरे सवालों को शामिल नहीं किया जाएगा। वीरवार को सवालों के जवाब दिए वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. सतीश कुमार थापर ने....
सवाल: मेरी मां की उम्र 43 साल है। दिमाग में अजीब विचार आते हैं। उन्हें चिंता, घबराहट व अपराधबोध महसूस होता है। पिछले पांच साल से उन्हें प्राब्लम है। साल में एक बार ऐसी प्राब्लम आती है। दवा लेने पर नार्मल हो जाती हैं।
- पूजा, पंचकूला
जवाब: आपकी मां सीजनल डिप्रेशन का शिकार हैं। दवा लंबे समय तक चलनी है। डाक्टर से बिना पूछे दवा नहीं बंद करनी है। दवा बंद करने से ऐसी प्राब्लम आ सकती है। नजदीकी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
सवाल: मेरी उम्र 58 साल है। पिछले 40 साल से स्मोकिंग और 30 सालों से शराब पी रहा हूं। मैं इसे छोड़ना चाहता हूं, लेकिन मेरे अंदर वह इच्छाशक्ति नहीं है। मुझे इससे दिक्कत भी आ रही है।
- राजीव, जीरकपुर
जवाब: आप देखें कि किस वक्त की सिगरेट आसानी से छोड़ सकते हैं। कहने का मतलब यह है कि कुछ सिगरेट ऐसी होंगी, जो बिना किसी वजह से पीते होंगे। उसे छोड़ दें। जिस वक्त की नहीं छोड़ सकते, उसे आधी तोड़कर पीएं। इससे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ेगा। उसके बाद एक तारीख को सुनिश्चित कर लें कि जिस दिन आप सिगरेट छोड़ना चाहते हो। रोजाना उस तारीख को याद करें। उससे पहले किसी मनोचिकित्सक से मिल लें।
तलब कम करने की दवाइयां मिलेंगी। शराब छोड़ने के लिए आपको मोटिवेशन चाहिए होगी। अपने टेस्ट करवाएं, जो रिपोर्ट आएगी, उसे थोड़ी मोटिवेशन मिल सकती है। शाम के वक्त जल्दी खाना खाएं। इससे शराब नहीं पी पाएंगे। मनोचिकित्सक से मिलें, जो तलब दूर करने की दवाइयां देंगे। जो लोग शराब नहीं पीते हैं, उनके साथ रहे। साथ ही सोशल वर्क, धार्मिक गतिविधियां व एक्सरसाइज पर ध्यान लगाएं। फायदा मिलेगा।