जालंधर में गुरुवार को पुलिस की सख्ती के बीच शराब के कुछ ठेके खुले लेकिन तीन बजे से पहले ही बंद हो गए। कर्फ्यू के बीच शराब के ठेके खोलने का आदेश हुआ, इसको लेकर लोग असमंजस में रहे। सरकार की ओर से कहा गया था कि गुरुवार को ठेके खुल जाएंगे लेकिन 12 बजे तक जिले में शराब के ठेके नहीं खुल पाए थे।
डीसी का आदेश था कि सुबह 07 बजे से दोपहर तीन बजे तक शराब के ठेके खोले जाएंगे और सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक शराब की होम डिलीवरी होगी। इस दौरान ठेकों के बाहर भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी। कंटेनमेंट जोन में ठेके नहीं खुलेंगे। यहां होम डिलीवरी भी नहीं होगी। शराब की अधिकतम मात्रा खरीदने पर भी पाबंदी रहेगी।
दो लीटर से ज्यादा शराब नहीं मंगवाई जा सकेगी। लेकिन इसको लेकर ठेकेदार परेशान रहे, क्योंकि शहर के काफी हिस्से तो कंटेनमेंट जोन में है। 23 मार्च के बाद शराब की बिक्री बंद है। यही नहीं, शहर के कंटेनमेंट जोन में ही 40-50 ठेके आते हैं। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर कुछ ठेके खुले लेकिन पुलिस की सख्ती होने के कारण ठेकों पर भीड़ नहीं आ पाई।
‘सुबह कौन लेने आएगा शराब, शाम का समय तय करे प्रशासन’
कर्फ्यू के बाद सूबे की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने बठिंडा में शराब के ठेकों को सुबह सात से 11 बजे तक चार घंटे खोलने का समय निर्धारित किया था। शराब कारोबारी हरीश कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार ने अभी जो नीति बनाई है, उससे शराब कारोबारियों को कोई मुनाफा नहीं होने वाला, जिस कारण वो शराब के ठेके नहीं खोलेंगे। गर्ग ने कहा कि सरकार शराब के ठेके खोलने के लिए शाम का समय निर्धारित करें और साथ में शराब कारोबारियों को स्पष्ट किया जाए कि सरकार जितना समय ठेके खोलने का निर्धारित कर रही है, उस हिसाब से ही उनसे पैसे वसूल किए जाएंगे या नहीं।
शराब के ठेके खोलने की घोषणा के बावजूद अमृतसर में जिला प्रशासन व शराब के ठेकेदारों के बीच सहमति न बन पाने के कारण शराब की दुकानें बंद रहीं। एक्साइज कमिश्नर हरिंदर पाल सिंह ने गुरुवार सुबह 9 से दोपहर एक बजे तक शराब के ठेके खोलने की जानकारी दी थी। इसके आधार पर शराब पीने के शौकीन सुबह ठेके के बाहर इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। जब उन्हें जानकारी मिली की ठेके नहीं खुल रहे हैं तो वह निराश लौट गए। इसी तरह सीमावर्ती कस्बे अजनाला व जंडियाला गुरु में भी शराब के ठेके नहीं खुले।
फरीदकोट में नहीं खुले शराब के ठेके
राज्य सरकार व जिला मजिस्ट्रेट के इजाजत दिए जाने के बावजूद ठेकेदारों द्वारा गुरुवार को जिला फरीदकोट में शराब के ठेके नहीं खोले गए। हालांकि सुबह के समय कुछ ठेके खुले थे लेकिन बाद में समूह ठेकेदारों ने एक बैठक के उपरांत अपनी मांगें पूरी होने तक ठेके नहीं खोलने का फैसला लिया, जिसके बाद सभी ठेके बंद कर दिए गए।
बटाला: ठेकेदारों ने कहा- सरकार उनकी मांगें माने तभी ठेके खोलेंगे
पंजाब सरकार ने गुरुवार से शराब ठेके खोलने की इजाजत दी थी लेकिन शराब के ठेके नहीं खुले। वहीं ठेकेदारों ने सरकार के आगे कुछ मांग रखी और फैसला लिया है कि मांगों को माने जाने के बाद ही शराब के ठेके खोलेंगे। शराब ठेकेदारों ने एकजुट होकर गुरुवार को पहले दिन ही शराब ठेके खोलने की मिली अनुमति को ठुकराते हुए सरकार को मांगों पर विचार करने को कहा है।
दूसरी ओर शराब की होम डिलीवरी भी न करने का फैसला किया गया है। गुरुवार को बटाला एक्साइज सर्कल के 5 ग्रुपों के करीब 35 ठेके बंद रखे गए हैं। शराब ठेकेदारों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उनके द्वारा 9 दिन का दिए गया टैक्स सरकार उन्हें वापस करे। ठेके खोलने का जो समय सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक समय दिया गया है, वह बहुत ही कम हैं।
इस समय में अगर वह ठेके खोलते हैं तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। टैक्स पॉलिसी में सरकार को उन्हें छूट देनी चाहिए। ठेकेदारों ने बताया कि शराब के रेट भी कम होने चाहिए। जितने घंटे की छूट उन्हें दी गई है, उतनी ही एक्साइज फीस लगाई जानी चाहिए। ठेकेदारों ने कहा कि सरकार की तरफ से राज्य में करीब एक महीना से ऊपर शराब ठेके बंद होने को हो गया है। इस दौरान शराब ठेकेदारों को किसी भी प्रकार की कोई आमदनी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार की ओर से उनकी उक्त मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा, वह शराब के ठेके नहीं खोलेंगे और न ही होम डिलीवरी करेंगे।
शराब के ठेके खोलने को लेकर पंजाब सरकार व ठेकेदार आमने-सामने नजर आ रहे हैं। जहां सरकार ने ठेके खोलने का एलान कर दिया है, वहीं पटियाला के ठेकेदारों ने ठेके खोलने से साफ इनकार कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि उन्हें जितने घंटे ठेके खोलने की अनुमति मिलेगी, उतने ही घंटों का वह लोग टैक्स अदा करेंगे।
ठेकेदारों का कहना है कि सरकार उनके साथ धक्का न करे। शराब ठेकेदारों को उनका बनता हक दिया जाए। ठेकेदारों ने कहा कि जितनी उनकी बिक्री होती है, उसी हिसाब से लाइसेंस फीस ली जाए। साथ ही ठेकेदारों ने शराब की होम डिलीवरी करने से भी साफ इनकार कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि इससे शराब की तस्करी को बढ़ावा मिलेगा।
पटियाला में शराब के ठेकेदारों ने विरोध जताते हुए कहा कि अभी तक उन्हें सरकार व एक्साइज विभाग से यह नहीं पता लगा कि लाइसेंस फीस कब से लगेगी, क्योंकि पिछले साल के कुछ दिन बकाया पड़े हैं। क्योंकि पिछले साल की शराब उनके पास पड़ी है। उधर, डीसी कुमार अमित ने गुरुवार दोपहर बाद पटियाला जिले के अंदर भी शराब के ठेके खोलने की आज्ञा दे दी।
जारी आदेशों मुताबिक शराब के ठेकों पर काउंटर सेल सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक होगी, जबकि तीन बजे से शाम छह बजे तक शराब की होम डिलीवरी हो सकेगी। लेकिन शराब के अहाते नहीं खोले जाएंगे। शराब की होम डिलीवरी के लिए कर्फ्यू पास जारी करने का अधिकार सहायक आबकारी व कर कमिश्नर पटियाला को दिया गया है। लेकिन कोई भी शराब का ठेका कंटेनमेंट जोन या हॉटस्पॉट इलाके में नहीं खुलेगा।
प्रशासन ने शराब के ठेकों को सशर्त खोलने की आज्ञा दी थी। लेकिन तरनतारन में ठेके नहीं खुले। ठेकेदारों ने शराब के ठेके खोलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 7 मई से सुबह 7 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सशर्त ठेके खोलने शराब की होम डिलीवरी करने की आज्ञा दी गई थी। लेकिन ठेकेदारों ने शराब के ठेके खोलने से यह कहते हुए मना कर दिया कि वह पंजाब सरकार की आबकारी नीति की विवेचना करने के बाद ही शराब के ठेके खोलेंगे।
ठेकेदारों ने नहीं खोले ठेके, यूथ शिअद नेता ने ठेके के आगे बांटा दूध
सरकार की तरफ से ठेकों को खोलने की अनुमति देने के बावजूद गुरुवार को लुधियाना में शराब ठेके नहीं खुले। ऐसे में शिरोमणि अकाली दल (यूथ) प्रधान गुरदीप गोशा ने शराब ठेकों के आगे बैठकर आम लोगों को दूध बांटने का काम किया। यहां बताते चलें कि कुछ साल पहले भी उन्होंने शराब ठेकों को बाहर दूध पिलाने की कवायद शुरू की थी।
वहीं शराब ठेकेदारों के इस रवैये को देखते आबकारी विभाग के अधिकारी उनसे संपर्क कर रहे हैं, ताकि शराब ठेकों को खोला जा सके। लेकिन शराब ठेकेदार कोई बात मानने के लिए तैयार नहीं है। गौर हो कि फरवरी 2020 के दौरान आबकारी विभाग ने लुधियाना में शराब से 1100 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का टारगेट रखा था।
सभी शराब ठेकेदारों को इस लक्ष्य को पूरा करना था। लेकिन मार्च माह के दौरान कोरोना संक्रमण फैलने के कारण लॉकडाउन शुरू हो गया। ऐसे में अब बीते 45 दिन से शराब के ठेके बंद पड़े हैं। अब केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार ने शराब ठेके गुरुवार से खोलने के लिए आदेश जारी किए थे।
शराब ठेकेदारों का साफ कहना है कि बीते 45 दिनों से उनके रेवेन्यू का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार पहले उस नुकसान का कुछ करे। वही भविष्य में कोरोना संक्रमण को लेकर जिस तरह के हालात चल रहे हैं, उसके हिसाब से शराब की बिक्री कम रहेगी। ऐसे में उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए पहले सरकार इन मामलों पर कोई फैसला ले, इसके बाद ही वह शराब ठेकों को खोलेंगे।
वही, आबकारी विभाग डीईटीसी (डिप्टी एक्साइज एंड टेक्सएशन कमिश्नर) पवन गर्ग ने बताया कि ठेकेदारों ने शराब ठेके नहीं खोले है। इस बाबत उन्होंने सभी ठेकेदारों से फोन पर भी बात की है लेकिन सभी होने वाले नुकसान को लेकर सरकार से राहत की मांग कर रहे है। इस पर फैसला राज्य सरकार की कैबिनेट की बैठक में होगा।
सरकार की तरफ से ठेकों को खोलने की परमिशन देने के बावजूद वीरवार को लुधियाना में शराब ठेके नहीं खोले गए। ऐसे में शिरोमणि अकाली दल यूथ प्रधान गुरदीप गोशा ने शराब ठेकों के आगे बैठकर आम लोगों को दूध बांटने का काम किया। यहां बताते चलें कि कुछ साल पहले भी उन्होंने शराब ठेकों को बाहर दूध पिलाने की कवायद शुरू की थी। वहीं शराब ठेकेदारों के इस रवैये को देखते आबकारी विभाग के अधिकारी उनसे संपर्क कर रहे हैं, ताकी शराब ठेकों को खोला जा सके। लेकिन शराब ठेकेदार कोई बात मानने के लिए तैयार नहीं है।
गौर हो कि फरवरी 2020 के दौरान आबकारी विभाग ने जिला लुधियाना में शराब से 1100 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का टारगेट रखा था। सभी शराब ठेकेदारों को इस लक्ष्य को पूरा करना था। लेकिन मार्च माह के दौरान कोरोना संक्रमण फैलने के कारण लॉक डाउन शुरू हो गया। ऐसे में अब बीते 45 दिन से शराब के ठेके बंद पड़े हैं। अब केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार ने शराब ठेके वीरवार से खोलने के लिए आदेश जारी किए थे।
शराब ठेकेदारों का साफ कहना है कि बीते 45 दिनों से उनके रेवेन्यू का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार पहले उस नुकसान का कुछ करे। वही भविष्य में कोरोना संक्रमण को लेकर जिस तरह के हालात चल रहे हैं, उसके हिसाब से शराब की बिक्री कम रहेगी। ऐसे में उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए पहले सरकार इन मामलों पर कोई फैसला ले, इसके बाद ही वह शराब ठेकों को खोलेंगे।
वही, आबकारी विभाग डीईटीसी (डिप्टी एक्साइज एंड टेक्सएशन कमिश्नर) पवन गर्ग ने बताया कि ठेकेदारों ने शराब ठेके नहीं खोले है। इस बाबत उन्होंने सभी ठेकेदारों से फोन पर भी बात की है, लेकिन सभी होने वाले नुकसान को लेकर सरकार से राहत की मांग कर रहे है। इस पर फैसला राज्य सरकार की कैबिनेट की बैठक में होगा।