कोरोना महामारी फैली हुई है और दुनिया भर में लॉकडाउन चल रहा है, लेकिन भारत के शिक्षकों की विदेश भ्रमण जाने की ललक कम नहीं हुई। तभी तो हरियाणा के स्कूली मास्टरों व जेबीटी टीचरों ने अगले दो महीनों में विदेश भ्रमण के लिए आवेदन किए हैं। शिक्षकों को यह मालूम है कि बीमारी फैली हुई है और लॉकडाउन चल रहा है।
विदेश जाने वाली उड़ानें रद्द हैं, सिर्फ फंसे हुए लोगों को ही वापस लाया जा रहा है। बावजूद इसके गुरु जी विदेश जाने को लालायित हैं। मौलिक शिक्षा विभाग की विदेश स्थापना शाखा में लॉकडाउन के दौरान दर्जनों मास्टरों व जेबीटी ने अगले दो महीनों में विदेश जाने की अनुमति के लिए आवेदन किया है।
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शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें विदेश जाने की मंजूरी सरकार प्रदान करे। जबकि, उन्हें यह मालूम है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोकी जा चुकी हैं। विश्व में कोरोना का कहर होने के कारण विदेश जाने की इजाजत नहीं है। मौलिक शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार ने हालांकि सभी आवेदनों को खारिज कर दिया है, लेकिन शिक्षकों का आवेदन करना किसी को समझ नहीं आ रहा।
उन्होंने सभी डीईओ, डीईईओ, बीईओ, बीईईओ, स्कूल मुखिया को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन में सारी उड़ानें बंद होने के कारण विदेश जाने की अनुमति का कोई नया केस निदेशालय को न भेजा जाए। सभी शिक्षा अधिकारियों व निदेशालय की विदेश शाखा को इस तरह का कोई भी केस स्वीकार न करने के निर्देश दिए गए हैं।