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हरियाणा सीएम ने बताया- टेली मेडिसिन सुविधा शुरू की, पीपीई किट के आयात का भी दिया सुझाव

Fri, 03 Apr 2020 11:26 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम मनोहर लाल - फोटो : फाइल फोटो
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सीएम मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इस अवसर पर हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अस्पताल न पहुंच पाने वाले अस्वस्थ लोगों के लिए टेली-मेडिसिन सेवा शुरू कर दी है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया। इसके अलावा राज्य में 14 स्थानों पर 3000 बेड क्षमता वाले कोविड-19 अस्पताल स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में पीपीई किट का पर्याप्त भंडार है और इसके अलावा 2.50 लाख किट के आर्डर  दिए गए हैं।

इस प्रकार की और अधिक किटों को आयात करने के विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए। तेजी से परीक्षण की ओर बढऩे की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को कोविड-19 का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए परीक्षण सुविधाओं को और बढ़ाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से सीसीएल के 4000 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान को स्थगित करने का अनुरोध किया और कहा कि आरबीआई को इस ऋण का भुगतान करना चाहिए।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोविड-19 को लेकर अभी तक अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा में स्थिति नियंत्रण में है। गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), अन्य सामाजिक संगठन, स्वयंसेवक और राज्य के लोग कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई में सरकार को पूरा समर्थन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के अन्य विभागों के दिशानिर्देशों का अक्षरक्षऱ् पालन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने दवाओं सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला में निरंतरता सुनिश्चित की है।

अब तक हरियाणा इस बीमारी के सामुदायिक संचरण को नियंत्रित करने में सफल रहा है। राज्य में लगभग 13,500 लोगों को निगरानी में रखा गया है। पॉजिटिव कोरोना वायरस के मरीजों के संपर्क में आए 817 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 546 सैंपल नेगेटिव पाए गए। बाहरी मजदूरों को भोजन और आश्रय की बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में 13,000 बाहरी मजदूरों ने इन शिविरों में शरण ली है, जिसमें उनके लिए परामर्श या काऊसलिंग की व्यवस्था भी की गई है।

इसके अलावा, टेलीविजन (टीवी) की व्यवस्था भी कुछ शिविरों में की है। शिविरों में लोगों को योग, ध्यान और अन्य मनोरंजक गतिविधियों का अभ्यास करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ मजदूरों ने स्थानीय स्तर पर काम करने की इच्छा भी व्यक्त की है, इस पर विचार किया जा रहा है।   
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