कोरोना के कारण उपजे आर्थिक संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने ईपीएफ के खाते में जमा कुल रकम में से कुछ पैसा निकालने की सुविधा दी है। पीएफ से 75 फीसदी या अपनी तीन माह की सैलरी निकालने के लिए कहा है। इसका लाभ चंडीगढ़ के लगभग दो लाख से अधिक लोगों को मिलेगा।
सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में काम कर रहे लोगों को इससे राहत मिली है लेकिन कुछ लोग गैर सरकारी क्षेत्र में ऐसे भी बताए जा रहे हैं जिनका यूएएन आधार से लिंक न होने के कारण उनकी पूंजी पीएफ खाते की जगह मिसलेनियस खाते में जा रही है। हालांकि सरकार इसका भी समाधान निकाल रही है।
चंडीगढ़ में सरकारी विभागों के पीएफ के अलावा लगभग 700 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियों के दो लाख से अधिक कर्मचारियों का भी पीएफ जमा होता है। आधी रकम संबंधित कंपनी देती है तो आधी रकम सरकार देती है। इसी बीच कोरोना के कहर से आर्थिक संकट लोगों के सामने खड़ा हुआ तो सरकार ने 75 फीसदी रकम निकालने के लिए कह दिया है।
यह आदेश सभी जगह विभागों को मिल चुके हैं और ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद यह रकम मिल जाएगी। पहले 75 फीसदी पीएफ की रकम उसी स्थिति में निकलती थी जैसे भवन निर्माण करना हो या फिर बीमारी के इलाज पर खर्च करना हो।
ईपीएफ में जमा पूंजी कर्मचारी भविष्य निधि योजना की जारी अधिसूचना के आधार पर लोग निकाल सकते हैं। इसके लिए कभी भी आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। जहां कर्मचारियों को दिक्कतें आ रही हैं वहां संबंधित कार्यालय समाधान कर रहे हैं।
- संतोष गंगवार, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार)