कोरोना संकट के दौरान लग कर्फ्यू के कारण घरों में कैद चंडीगढ़ के लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। फलों, सब्जियों के नाम पर वेंडर्स शहर के लोगों से 80 फीसदी तक मुनाफा वसूल रहे हैं। 10 रुपये की मिलने वाली फल या सब्जी को वेंडर्स सीटीयू की बसों के माध्यम से सेक्टरों में लोगों को 18-20 रुपये में बेच रहे हैं। थोक और फुटकर के रेटों में 80-100 प्रतिशत के अंतर को लेकर मार्केट कमेटी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोरोना के कारण शहर में कर्फ्यू लगा है।
घरों में बंद लोगों को यूटी प्रशासन की ओर से 90 से अधिक सीटीयू की बसों से फल, सब्जियों की सप्लाई की जा रही है। इस कार्य के लिए प्रशासन द्वारा 300 से अधिक वेंडरों को लगाया गया है। घरों में कैद लोगों तक फलों और सब्जियों की सप्लाई करने वाले ये वेंडर लोगों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। सब्जी और फलों के थोक मूल्य से ये वेंडर 80 से 100 फीसदी तक अधिक वसूली कर रहे हैं। आर्थिक रूप से टूटे हुए घरों में कैद लोगों के साथ इस वसूली पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि इस वसूली में मार्केट कमेटी की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।
शहर में घूमने वाले वेंडर्स भी हैं निरंकुश
सीटीयू की बसों में फलों और सब्जियों की सप्लाई करने वाले वेंडर्स के अलावा शहर में घूमने वाले वेंडर्स भी लोगों से अधिक दाम वसूल रहे हैं। शहर में घूमने वाले वेंडर्स निरंकुश होकर लोगों कई गुना अधिक दाम ले रहे हैं। यूटी प्रशासन की ओर से अभी तक इन वेंडर्स पर अंकुश लगाने के लिए कोई भी ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं।
क्या बोले शहर के लोग
कर्फ्यू के कारण लोग एक महीने से घरों में कैद हैं। इस कारण से लोग आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। ऐसे में भी लोगों से आवश्यक वस्तुओं के अधिक मूल्य लेना न्यायोचित नहीं है। प्रशासन को इस पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
- ममता डोगरा, समाज सेविका, चंडीगढ़
मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाए प्रशासन
कोरोना वायरस के संक्रमण का यह दौर किसी आपातकाल से कम नहीं है। ऐसे समय में वेंडर निरंकुश होकर लोगों से मुनाफाखोरी कर रहे हैं। यूटी प्रशासन को इस पर तत्काल प्रभाव से एक्शन लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
- एचएस लकी, पूर्व डिप्टी मेयर, चंडीगढ़
चिह्नित होने चाहिए ऐसे वेंडर
अधिक दाम लेने वाले वेंडर चिह्नित होने चाहिए। यूटी प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि लोगों को सस्ते दामों पर खाने पीने की वस्तुएं मुहैया हो सकें। चिह्नित वेंडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- अश्वनी गुप्ता, जनरल सेक्रेटरी, शिव मंदिर, चंडीगढ़
प्रशासन को उठाने होंगे ठोस कदम
चंडीगढ़ प्रशासन को ऐसे हालातों में ठोस कदम उठाने होंगे। जल्द ही ऐसी कार्य योजना तैयार होनी चाहिए, जिससे लोगों को आवश्यक वस्तुओं के लिए अधिक दाम नहीं खर्च करने पड़ें।
- आरती शर्मा, समाज सेविका, चंडीगढ़
ये हैं थोक और फुटकर के रेट
सब्जी/फल थोक मूल्य फुटकर मूल्य
प्याज 11.00 20.00
टमाटर 15.00 35.00
मिर्च 20.00 40.00
फूल गोभी 07.00 20.00
शिमला मिर्च 10.00 25.00
आलू 18.00 25.00
करेला 25.00 50.00
खीरा 07.00 25.00
मंडी में आने वाली हर सब्जी और फल पर 7 प्रतिशत तक आढ़त और फीस ली जाती है। इसके बाद रिटेलर द्वारा नियमत: 25-30 फीसदी तक ही मुनाफा लेकर सामान की बिक्री की जानी चाहिए। वह इस मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता करने के बाद ही कोई निर्णय ले सकते हैं।
- जरनैल सिंह मावी, सचिव, मार्केट कमेटी