इसके बावजूद मनोज ने हिम्मत नहीं हारी और अन्य रास्ते से यूपी जाने का रास्ता ढूंढा। लेकिन आगे पक्के रास्ते पर फिर पुलिस के नाके पर उसे रोक लिया गया और वापस दौड़ा दिया गया। दिन रात साइकिल चलाकर थके मजदूर ने बहुत कोशिशों के बाद वापस आना ही ठीक समझा और वह एक ट्रक में बैठकर वापस मंडी गोबिंदगढ़ आ गया।
अगली सुबह पत्नी की मौत की खबर आ गई
मनोज को शुक्रवार को सुबह चार बजे उसकी पत्नी की मौत की खबर मिली तो बैचेनी के आलम में उसका रो-रोकर बुरा हाल है। मनोज की पत्नी पैरालाइज हो गई थी और पिछले कुछ दिन से उसकी हालत खराब हो रही थी। उसे इलाज की जरूरत थी। अब मनोज ने सरकार और प्रशासन से पास रिन्यू करने की मांग की है, ताकि वह पत्नी के अंतिम संस्कार में जा सके। मनोज ने बताया कि यूपी में घर पर उसके दो बच्चे और बुजुर्ग मां-बाप हैं।
मंडी गोबिंदगढ़ के एक समाज सेवक रणधीर सिंह पप्पी ने मजदूर का पास बनवाया था और मनोज के वापस मंडी गोबिंदगढ़ आने पर पर महाराजगंज के एसएसपी से फोन पर बात करके मजदूर का पता लिखवाया, ताकि वह किसी तरह अपनी पत्नी के लिए इलाज के लिए पहुंच सके। लेकिन इससे पहले ही पत्नी की मौत हो गई। अब वह पत्नी के संस्कार में जाना चाहता है।