लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में फंसे सिख श्रद्धालु 40 दिन बाद आज घर लौट आएंगे, जिन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा। पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं को लाने के लिए कुछ बसें रवाना की हैं। महाराष्ट्र से भी बसों में श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 2500 से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेकने श्री हुजूर साहिब गए हुए थे, लेकिन लॉकडाउन लगने से वहीं फंस गए। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर इनके बारे में बताया था। जिसके बाद इन्हें लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही श्रद्धालु पहुंचेंगे, उनकी स्क्रीनिंग करके उन्हें उनके घरों में ही 14 दिन के क्वारंटीन कर दिया जाएगा। इस संबंध में सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए शनिवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने 32 एसी और वाल्वो बसों को रवाना किया। इनमें सात वाल्वो बसों को पटियाला के बस स्टैंड से कारपोरेशन के चेयरमैन केके शर्मा ने रवाना किया। इस मौके चेयरमैन ने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ से श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार से बातचीत करके यह प्रयास किया गया है।
इन बसों में पीआरटीसी के पटियाला डिपो समेत चंडीगढ़, लुधियाना, संगरूर और बठिंडा डिपो की 32 बसें शामिल हैं, जिनमें 15 वाल्वो और 17 एसी बसें हैं। यह सारी बसें बठिंडा से आगे रवाना होंगी। चेयरमैन ने बताया कि इन बसों को पहले अंदर व बाहर से सैनिटाइज किया गया है और ड्राइवरों, कंडक्टरों समेत दो सब इंस्पेक्टरों अमनदीप सिंह व सुरिंदर सिंह तुली को भी अतिरिक्त मास्क, सैनिटाइजर व दस्ताने समेत दवाएं, खाने-पीने का सामान आदि लेकर निगरानी के लिए भेजा है।
सरकार ने इन बसों के खर्चे के तौर पर जरूरी राशि कॉरपोरेशन को भेज दी है। कहा कि पीआरटीसी के कर्मचारियों व अधिकारियों को अप्रैल की तनख्वाह मई के पहले या दूसरे सप्ताह में दे दी जाएगी।