फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउनः श्री हजूर साहिब नांदेड़ में फंसे सिख श्रद्धालुओं की घर वापसी शुरू हुई, 395 श्रद्धालु पहुंचे

Mon, 27 Apr 2020 10:35 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
श्रद्धालुओं को लेकर आई बस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देशों पर हाराष्ट्र में श्री हजूर साहिब (नांदेड़) में फंसे सैकड़ों श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम शुरू कर दी गई है। रविवार बाद दोपहर तक 395 श्रद्धालु पंजाब में अपने घरों तक पहुंच गए। स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अमर पाल सिंह के अनुसार, बसें राजस्थान और मध्यप्रदेश होती हुई पंजाब पहुंची।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए कुछ दिन पहले केंद्र से इजाजत मांगी थी और यह भी वचनबद्धता दोहराई थी कि इस काम के लिए जरूरी कदम पंजाब सरकार की तरफ से उठाए जाएंगे। उन्होंने राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकारों से लगातार तालमेल करने के लिए तैनात किया था, ताकि श्रद्धालुओं के साथ-साथ मजदूरों और विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी को यकीनी बनाया जा सके।

हजूर साहिब गई 80 बसों में से एक बस चालक की मौत
कर्फ्यूू के दौरान महाराष्ट्र स्थित हजूर साहिब में फंसी सिख संगत को लेने गई बसों में से एक बस चालक की रविवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मंजीत सिंह के तौर पर हुई है। जानकारी के अनुसार, मंजीत सिंह किलोमीटर स्कीम के अधीन पेप्सू रोड में वोल्वो बस चला रहा था।
विज्ञापन


सरकार की तरफ से भेजी गई बसों के साथ गए पीआरटीसी जगरांव के जीएम मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि इतलाल के पास बस चालक मंजीत सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे नजदीकी अस्पताल लेकर जाने लगे तो उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया है। जीएम ने बताया कि मंजीत सिंह की बस को वहीं रोक लिया गया है जबकि बाकी बसों को आगे भेज दिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने हजूर साहिब में फंसी संगत को आठ बसों से वापस भेजा

बठिंडा। लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र के श्री हजूर साहिब में फंसी सिख संगत को महाराष्ट्र सरकार ने आठ बसों के जरिए वापस पंजाब भेजा है। रविवार को अल सुबह बठिंडा पहुंची आठ बसों में सवार सिख संगत का मेडिकल करने के बाद सात बसों के जरिये आगे उनके घरों को भेजा गया। बठिंडा के 28 में से 21 लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट कर महाराष्ट्र सरकार और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का धन्यवाद किया। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से मीडिया को जारी प्रेस नोट में सिख संगत के लौटने का क्रेडिट पंजाब सरकार को दिया गया।

जानकारी के अनुसार कर्फ्यू लगने के बाद हजूर साहिब में फंसी सिख संगत ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, जलालाबाद से सांसद सुखबीर सिंह बादल समेत पंजाब सरकार से गुहार लगाई थी। हरसिमरत बादल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क साधा। गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिए थे कि हजूर साहिब में फंसी सिख संगत को पंजाब भेजने का इंतजाम किया जाए। महाराष्ट्र सरकार की तरफ से आठ बसों के जरिये दो दिन पहले सिख संगत को हजूर साहिब से पंजाब के लिए रवाना किया गया। रविवार अल सुबह बठिंडा पहुंची महाराष्ट्र की आठ बसों में सवार सिख संगत का जिला प्रशासन की ओर से मेडिकल चेकअप करवाया गया।

जिले के 28 लोगों में से 21 को मैरिटोरियस स्कूल में क्वारंटीन किया गया है। प्रशासन की ओर से एसडीएम अमरिंदर सिंह टिवाना, तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ उपस्थित थे। उन्होंने अमृतसर, लुधियाना, कपूरथला, गुरदासपुर, शहीद भगत सिंह नगर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, जालंधर, फाजिल्का, संगरूर, पटियाला, मोगा और चंडीगढ़ से संबंधित सिख संगत को खाने पीने का समान मुहैया करवाने के अलावा सैनिटाइजर एवं दस्ताने देकर रवाना किया।  

हजूर साहिब से आए 43 श्रद्धालु एकांतवास में

लुधियाना। बीते एक माह से हजूर साहिब में फंसे श्रद्धालुओं की घर वापसी शुरू हो गई है। रविवार को जिला लुधियाना से संबंधित 43 श्रद्धालु यहां पहुंच गए है। इन्हें दो बसों में लाया गया, पहली बस सुबह चार बजे लुधियाना पहुंची, जबकि दूसरी बस बाद दोपहर लुधियाना पहुंची।

 सबसे पहले मेडिकल चेकअप के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच होने के बाद उन्हें प्रशासन की तरफ से घर पहुंचा दिया गया  है। सभी श्रद्धालुओं को 14 दिन तक अपने घर में एकांतवास में रहने के निर्देश दिए गए है। साथ कही किसी व्यक्ति में  जुकाम, खांसी या बुखार के लक्ष्ण दिखाई देने पर तुरंत इसकी सूचना सेहत विभाग को देने के लिए कहा गया है।

शहर के अमरपुरा निवासी ज्ञान ने बताया कि वह 19 मार्च को हजूर साहिब दर्शन के लिए गया था। उसने 26 मार्च को वापस लुधियाना आना था। इस दौरान लॉकडाउन हो गया, इसलिए वहां पर फंस गए। हजूर साहिब में लगभग चार से पांच हजार लोग फंस गए थे। लेकिन वहां से गुरुद्वारा प्रबंधकों की तरफ से पूरी संगत का ध्यान रखा गया, उन्हें खाने पीने की कोई कमी नहीं आने दी गई। उन्हें खुशी है कि आज वह अपने घर पहुंच गए है।

तहसीलदार कंवर इंदरजीत सिंह ने बताया कि सुबह पहली बस में 26 श्रद्धालु आए थे। दोपहर को दूसरी बस में 17 श्रद्धालु पहुंचे। इन सभी को पहले सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया है। ताकी कोरोना संबंधी जांच हो सके। इन सभी को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रशासन ने उठाई है। सभी श्रद्धालुओं को अपने घर में 14 दिन के लिए एकांतवास में रहने के लिए कहा गया  है।

हजूर साहिब से 18 और हनुमानगढ़ से 22 लोग बटाला पहुंचे

लॉकडाउन के दौरान बाहरी सूबों में फंसे बटाली निवासियों की रविवार को वापसी हुई। हनुमानगढ़ (राजस्थान) से 22 और श्री हजूर साहिब (नांदेड) से 18 श्रद्धालु विभिन्न बसों से बटाला पहुंचे। सभी को गांव खतीब स्थित राधा स्वामी सत्संग हाल में ले जाया गया। सेहत विभाग द्वारा सभी का मेडिकल चेकअप किया गया। एसडीएम बलविंदर सिंह ने बताया कि सभी को घरों में ही 14 दिनों के लिए क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया है।

 हजूर साहिब से कपूरथला-फगवाड़ा के 11 श्रद्धालु लौटे
कपूरथला। नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब से कपूरथला-फगवाड़ा के 11 सिख श्रद्धालु दो दिन में 3200 किलोमीटर का सफर तय करके सकुशल पहुंच गए हैं। कपूरथला के चार श्रद्धालुओं को सुबह चार बजे तहसीलदार कपूरथला मनवीर सिंह ढिल्लो ने जालंधर में रिसीव किया। फगवाड़ा के सात श्रद्धालु दोपहर 12 बजे पहुंचे। सभी श्रद्धालुओं को एहतियात के तौर पर फगवाड़ा के आइसोलेशन वार्ड में क्वारंटीन किया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. जसमीत कौर बावा के अनुसार जिले के 11 श्रद्धालु श्री हजूर साहिब से वापस आ गए हैं। सभी को फगवाड़ा के आइसोलेशन वार्ड में क्वारंटीन किया गया है। ईएमओ डॉ. सतकरण सिंह और डॉ. अंकुश ने इनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। सोमवार को इनकी रिपोर्ट के स्टेटस के अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा।

नौ श्रद्धालु अबोहर के रास्ते जलालाबाद भेजे
अबोहर। महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब से आई 8 बसों में एक में सवार 32 सिख श्रद्धालु रविवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे पंजाब-राजस्थान की सीमा राजपुरा पहुंचे। वहां थाना बहाववाला के प्रभारी गुरचरण सिंह ने उनमें से जलालाबाद निवासी 9 श्रद्धालुओं को जलालाबाद रवाना किया। सभी श्रद्धालुओं को सीधा सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी ट्रेवल हिस्ट्री तैयार करके उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जिला सिविल सर्जन डा. सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि यह सभी श्रद्धालु पहले ही नांदेड़ साहिब में एकांतवास में रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इनकी पूरी जांच की जाएगी।
विज्ञापन

अमृतसर के 42 यात्री लौटे

तख्त श्री हजूर साहिब में फंसे 42 यात्री दो बसों से अमृतसर पहुंच गए। सभी श्रद्धालुओं की जांच छेहरटा स्थित एक डिस्पेंसरी में की गई। किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। इनको घर भेज कर हिदायत दी गई कि वह 14 दिनों तक घरों में ही क्वारंटीन रहें। श्रद्धालु सुरिंदर सिंह ने बताया कि वह 22 मार्च को लॉकडाउन होने के कारण वहां फंस गए थे। आने-जाने का कोई भी साधन नहीं था। दूसरी बार जब लॉकडाउन की तारीख बढ़ी, तब वहां फंसे श्रद्धालुओं ने केंद्र व पंजाब सरकार से घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी।

हजूर साहिब के दर्शन करने गए चार श्रद्धालु नंगल लौटे
हजूर साहिब में फंसे गांव भंगला के चार सदस्य रविवार को घर लौट आए। सभी का सिविल अस्पताल में चेकअप किया गया। 37 वर्षीय गुरविंदर सिंह ने बताया कि लगभग 40 दिन पहले वह अपनी पत्नी अरविंदर कौर (35) और दो बेटियों खुशदीप कौर व अवनीत कौर के साथ गुरुद्वारा तख्त श्री हजूर साहिब के दर्शनों को गए थे। इसी दौरान कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के कारण वह वहीं फंस गए। विशेष बस के माध्यम से 23 अप्रैल रात 11 बजे वहां से रवाना किया गया था। जिला रेवेन्यू अधिकारी जसवंत सिंह और तहसीलदार नंगल सुरिंदपाल व अन्य अधिकारी उन्हें सिविल अस्पताल लेकर आए। 

हजूर साहिब में फंसा जालंधर का तीर्थयात्री लौटा
श्री हजूर साहिब के दर्शन को गया जिले का तीर्थ यात्री रविवार को घर पहुंच गया। मिठापुर स्थित राजा कालोनी निवासी 28 वर्षीय बख्तौर सिंह 19 मार्च को नांदेड़ साहिब दर्शन करने गए था। बख्तौर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने नांदेड़ साहिब में गुरुद्वारों के दर्शन करने गए तीर्थ यात्रियों को वापस लाकर एक सराहनीय काम किया है। डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि नांदेड़ साहिब से बस सुबह ही शहर में पहुंची थी। उक्त यात्री की पूरी चिकित्सा जांच के बाद उसे दो सप्ताह के लिए होम क्वारंटीन होने की सलाह दी गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें