कोविड-19 संकट से जंग में अगली कतार में डटे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए पंजाब पुलिस ने उनकी डॉक्टरी जांच के लिए मोबाइल क्लीनिक शुरू किए हैं। अब तक कुल 43000 पुलिस मुलाजिमों में से 30,567 का मेडिकल चेकअप किया जा चुका है।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि कर्फ्यू लागू करने और राहत कार्यों में 3 शिफ्ट में काम कर रहे पुलिसकर्मियों की डाक्टरी जांच के लिए मोबाइल पुलिस क्लीनिक राज्य के सभी 7 पुलिस रेंजों और पुलिस कमिश्नरेटों में काम कर रहे हैं। कई जिलों में पुलिसकर्मियों, ख़ासकर नाकों पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों की फ्लू या किसी अन्य बीमारी के लक्षणों की जांच के लिए सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की सहायता ली जा रही है।
डीजीपी ने कहा कि हर दूसरे दिन प्रत्येक कर्मचारी की बार-बार जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोरोनवायरस के संभावित ख़तरे के नतीजे के तौर पर उनमें कोई स्वास्थ्य समस्या तो नहीं है। गुप्ता ने कहा कि जिलों के सभी एसएसपी द्वारा विस्तृत निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू के दौरान आगे होकर अपनी ड्यूटियां निभा रहे सभी पुलिस मुलाजिम तंदुरुस्त और सुरक्षित रहें।
डीजीपी ने कहा कि लॉकडाउन के अमल के लिए ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस मुलाजिमों को मास्क, दस्ताने और हैंड सैनिटाइज मुहैया करवाए गए हैं और अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्डों या आसपास के क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को पीपीई/बायोहैजार्ड सूट मुहैया करवाए गए हैं।
गर्मी से बचाव के लिए टेंट और छाते लगाए गए हैं
उन्होंने कहा कि पुलिस मुलाजिमों की सुरक्षा के लिए सभी रेंजों और सीपी को अब तक 2.5 लाख मास्क, 788 पीपीई किटें और तकरीबन 2.5 लाख हैंड सैनिटाइज बांटे गए हैं। गुप्ता ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए बैरीकेडिड के नजदीक टेंट और छाते लगाए गए हैं।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बैरीकेटों, कुर्सियों और अन्य चीजों की सैनिटाइजेशन को यकीनी बनाने के लिए सीपी (लुधियाना) और एसएसपी (पटियाला) द्वारा एक विशेष जापानी मशीन, जो 10 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट घोल के साथ दोनों तरफ़ 70 फुट का दायरा कवर करती है, का प्रयोग किया जा रहा है। डीजीपी के अनुसार, बीपी, शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे पुलिस मुलाजिमों को ड्यूटी वाली जगह पर ही दवाएँ और मल्टी विटामिन मुहैया करवाए जा रहे हैं।
पुलिस जवानों की डॉक्टरी जांच का काम जारी
डीजीपी के अनुसार, मोबाइल वैनों द्वारा अब तक पटियाला रेंज में सबसे अधिक 5791 पुलिस मुलाजिम, बॉर्डर रेंज में 5396, आईजीपी जालंधर रेंज के 3327, रूपनगर रेंज में 3002, बठिंडा रेंज में 2264, फिऱोजपुर रेंज में 2055 और लुधियाना रेंज में 1332 पुलिस मुलाजिमों की जांच की गई है। इसके अलावा कमिश्नरेट ऑफ पुलिस लुधियाना में तकरीबन 3700 पुलिस मुलाजिमों की डॉक्टरी जांच की गई है। कमिश्नरेटज ऑफ पुलिस अमृतसर और जालंधर में क्रमश: 2500 और 1300 पुलिस मुलाजिमों की जांच की गई है।