पंजाब सरकार ने 2.31 करोड़ रुपये की लागत से 5 आरटीपीसीआर और 4 आरएनए एक्सट्रेक्शन मशीनें (ऑटोमैटिक) खरीदकर कोविड-19 टेस्टिंग की क्षमता को 10 गुना बढ़ा लिया है। राज्य कोविड-19 की बीमारी की रोकथाम के लिए 10 अप्रैल से तेजी से जांच शुरू करने की तैयारी भी कर रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा आईसीएमआर से मंगवाई गईं 10 लाख रैपिड टेस्टिंग किटें जल्द प्राप्त होने की आशा है और एक अन्य 10000 किटों की ओपन मार्केट से खरीदने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि हॉट-स्पॉटों में कोरोना को फैलने से रोकने के उद्देश्य से अब आईसीएमआर ने रैपिड टेस्टिंग किटों द्वारा ऐंटीबॉडी टेस्टिंग करने की इजाजत दी है। महाजन ने कहा कि नये उपकरणों के आने से पटियाला और अमृतसर में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वायरल रिसर्च डायगनोस्टिक लैब (वीआरडीएल) की टेस्टिंग क्षमता को 40 से बढ़ाकर 400 कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों लैबों में अब तक 1958 सैंपल जांचे जा चुके हैं।
इसके अलावा, गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज व अस्पताल फरीदकोट को टेस्ट करने की मंजूरी लेने के लिए आगे रखा गया है। इसकी शुरुआती क्षमता 40 टेस्ट प्रति दिन होगी। राज्य की अपनी लैबोरेटरियों के अलावा, पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा पंजाब से जांच के लिए आने वाले नमूनों के रोजाना तकरीबन 40 टेस्ट किये जा रहे हैं। पीजीआई द्वारा अब तक तकरीबन 650 टेस्ट किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने डीएमसी और सीएमसी लुधियाना में भी इसी तरह की टेस्टिंग सुविधाओं की आज्ञा देने के लिए भारत सरकार से तुरंत मनजूरियों की मांग की है।
महाजन ने कहा कि लुधियाना के दोनों अस्पतालों के पास पहले ही जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं और इन्होंने एनएबीएल सर्टीफिकेशन के लिए अप्लाई किया है, जिसके बाद आईसीएमआर से मंजूरी मांगी जाएगी।