सूबे में कोरोना पॉजिटिव दूसरी मौत होशियारपुर के गांव मोरांवाली निवासी 62 वर्षीय पाठी हरभजन सिंह के रूप में रविवार रात श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में हुई। उनका शव एंबुलेंस से सोमवार को होशियारपुर भेज दिया गया। हरभजन सिंह दस दिन तक श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में उपचाराधीन रहा। इससे पहले नवांशहर के गांव पठलावा निवासी बलदेव सिंह की कोरोना से मौत हुई थी। हरभजन सिंह पठलावा के गुरुद्वारे में पाठी था और बलदेव सिंह के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ था।
गुरुनानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमन शर्मा के अनुसार अस्पताल के डॉक्टरों ने मृतक का शव किट में कवर कर एंबुलेंस से गांव मोरांवाली में भेजा है। होशियारपुर से सेहत विभाग के अधिकारी अमृतसर पहुंचे थे। उनके साथ मृतक के परिजन भी थे। होशियारपुर में डॉक्टरों की मौजूदगी में सुरक्षा के सभी प्रबंधों को अपनाकर मृतक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सोमवार को उनके पैतृक गांव मोरांवाली में उनका संस्कार कर दिया गया। हरभजन सिंह के बेटे गुरदीप सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हरभजन सिंह का भाई पाली और भतीजा अमन मौजूद थे। तीनों को सेहत विभाग ने पीपीई किट पहनाई हुई थी। गांव के ही पाठी ने हरजीत सिंह ने अंतिम अरदास कर धार्मिक रस्में अदा कीं। पाठी हरजीत सिंह को भी पीपीई किट पहनाई गई थी।
संस्कार से पहले सेहत विभाग के दर्जा चार कर्मचारी दविंद्र सिंह ने हरभजन सिंह के शव को सैनिटाइज किया। हरभजन सिंह के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पीएचसी पोसी के एसएमओ डॉ. रघुवीर सिंह की अगुवाई में पूरी की गई। इससे पहले नायब तहसीलदार धरमिंदर कुमार के नेतृत्व वाली प्रशासनिक व सेहत विभाग की टीम शव अमृतसर से लेकर आई।
हरभजन सिंह के संस्कार के समय उनकी बेटी और परिवार दूर खड़ा था। कानून व्यवस्था की स्थिति को देखने के लिए पुलिस फोर्स के साथ डीएसपी गढ़शंकर सतीश कुमार भी कुछ दूरी पर मौजूद थे। प्रशासन ने गांव के सरपंच मनजीत कुमार व तीन अन्य लोगों को चिता के लिए लकड़ियां चुनने को कहा था। सरपंच व उसके साथी गांव से भी लकड़ियां ले गए थे। प्रशासन ने भी चिता जलाने के लिए लकड़ियां भेजी थी। इस दौरान पटवारी जागीर सिंह भी उनके साथ थे।
श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व हुजूरी रागी पद्मश्री भाई निर्मल सिंह को कोरोना के लक्षणों के मद्देनजर श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। निर्मल सिंह एसजीपीसी द्वारा संचालित श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज वल्ला में कुछ दिन उपचाराधीन रहे है। इसी दौरान उन्होंने डॉक्टरों से गुजारिश की थी कि उनके टेस्ट करवाया जाए।
श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उन्हें श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल रेफर कर दिया है। दरअसल, निर्मल सिंह को खांसी-बुखार के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ है। फिलहाल उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद उनका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट मंगलवार तक आएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार भाई निर्मल सिंह की पिछले कुछ दिनों में विदेश जाने का कोई भी इतिहास तो नहीं है लेकिन वह चंडीगढ़ व दिल्ली गए थे।
कोरोना का संदिग्ध श्री गुरु नानक देव जी अस्पताल रेफर
सीमावर्ती कस्बा खासा के साथ सटे गावं खुरमनिया में कोरोना से संक्रमित एक संदिग्ध को श्री गुरु नानक देव जी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। कोरोना के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद अटारी पुलिस थाना के डीएसपी व अन्य अधिकारियों ने इस व्यक्ति के घर व आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है। खासा में सेना और बीएसएफ के मुख्यालय हैं।
फिरोजपुर में दो कोरोना संदिग्ध मरीज मिले
फिरोजपुर में कोरोना संदिग्ध दो मरीज मिले हैं, जिन्हें डॉक्टरों ने टेस्ट के लिए फरीदकोट के श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. अविनाश जिंदल ने बताया कि सिविल अस्पताल में दो कोरोना संदिग्ध मरीज पहुंचे थे। जिनके सैंपल लेकर अमृतसर टेस्ट के लिए भेजे हैं। एक मरीज की पहचान गोबिंद नगर निवासी सुखदेव सिंह (31) व दूसरे की रूलिया (60) वासी गांव हबीब वाला के तौर पर हुई थी। दोनों को खांसी, जुकाम और बुखार था। दोनों मरीजों को गहन चेकअप के लिए फरीदकोट स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।