बापूधाम व सेक्टर-30 कोरोना के गढ़ बन चुके हैं। बापूधाम के मकान नंबर 333 निवासी जीएमसीएच-32 के वार्ड अटेंडेंट के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उसकी मां, पिता, छह माह की बच्ची व दो बहनें कोरोना पॉजिटिव मिलीं थीं। वहीं, अगले दिन मकान नंबर 335 में भी एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला। मंगलवार को युवक की पत्नी व चार बच्चे कोरोना पॉजिटिव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। दो घरों से 12 मरीज मिल चुके हैं।
एक दिन में आए नए 87 संदिग्ध मामले
शहर में कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या के साथ ही कई गुना रफ्तार से संदिग्धों का मामला भी बढ़ रहा है। अब तक 924 संदिग्धों की जांच हो चुकी है। इसमें से 857 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मंगलवार को 87 नए संदिग्ध चिह्नित किए गए। वहीं, पीजीआई में 39 पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 17 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।
बापूधाम से सेक्टर-30 तक जुड़ी जीएमसीएच-32 की चेन, नहीं चेत रहे अधिकारी
बापूधाम से लेकर सेक्टर-30 तक के कोरोना पॉजिटिव मरीजों की चेन जीएमसीएच-32 से जुड़ रही है। इसकी शुरुआत 24 अप्रैल को बापूधाम निवासी अस्पताल के पहले वार्ड अटेंडेंट के पॉजिटिव होने हुई थी। उसके बाद 25 को बापूधाम से ही अस्पताल के एक और ओटी अटेंडेंट में कोरोना की पुष्टि हुई। फिर 26 अप्रैल को अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ जबकि 27 अप्रैल को तीन डॉक्टर और वार्ड ब्वॉय कोरोना की चपेट में आ गए।
इसी बीच इनके संपर्क में आने वाले परिवार के सदस्य और अन्य लोग भी कोरोना पॉजिटिव मिले। बापूधाम के साथ ही सेक्टर 30 में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीज का भी सीधा संपर्क जीएमसीएच-32 से था। मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव हुई सेक्टर 30 निवासी महिला के रिश्तेदार की बहू की डिलीवरी कुछ दिन पहले जीएमसीएच-32 में ही हुई थी। उस दौरान वह महिला लगातार अस्पताल के गाइनी वार्ड में आ-जा रही थीं।
चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल के वार्ड से लेकर मेस तक कोरोना के मरीजों से संक्रमित हो चुका है। हाल यह है कि कोरोना की पूरी चेन खड़ी करने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन की नींद नहीं खुल रही। मंगलवार दोपहर तक इमरजेंसी में मरीजों को एक दूसरे के पास स्ट्रेचर पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। संक्रमण का खतरा देखते हुए शाम को इमरजेंसी में भर्ती सभी मरीजों को छुट्टी दे दी गई। वहीं, दूसरी ओर अब भी वार्डों में बेझिझक लोगों का आना-जाना जारी है।
जीएमसीएच-32 में एक के बाद एक कोरोना के केस सामने आने के बाद वहां के डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ दहशत में है। कार्रवाई के डर से कोई खुलकर नहीं बोल रहा लेकिन सभी चाहते हैं कि पूरे हॉस्पिटल एक बार पूरी तरह शटडाउन कर अच्छी तरह सैनिटाइज कर दिया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि हॉस्पिटल के लगभग सभी वर्ग में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, ओटी अटेंडेंट तक संक्रमण फैल चुका है। ऐसे में हॉस्पिटल के हर कोने को संक्रमण मुक्त करना आवश्यक हो गया है।
कोरोना संदिग्ध मरीज के घर से महज 20 कदम की दूरी पर लंगर बांटते तीन गिरफ्तार
रामदरबार फेज- 2 में कोरोना संदिग्ध से के घर से महज 20 कदम की दूरी पर बिना अनुमति के लंगर बांट रहे हैं तीन आयोजकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सेक्टर 31 थाना पुलिस ने ऋषिपाल, रमन और गोगी के खिलाफ आईपीसी 188, 270 270 और 34 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मंगलवार दोपहर सेक्टर 31 थाने में तैनात एएसआई लक्खा सिंह रामदरबार फेज 2 एरिया में गश्त कर रहे थे। इस दौरान मकान नंबर 625 से 650 तक घरों के बाहर करीब सैकड़ों की संख्या में लोगों को लाइन लगाते हुए देखा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा गया। कुछ लोग छोले-पूरी का लंगर बांट रहे थे। पूछताछ में आयोजक ने अपना नाम राम दरबार फेज-2 निवासी ऋषिपाल, रमन और गोगी बताया। पूछताछ में सामने आया कि लंगर की परमिशन नहीं ली गई है।