अगर ऐसा व्यक्ति जांच में पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे मरीज के लिए उपमंडल अस्पताल के इंचार्ज अलग वार्ड की व्यवस्था भी करेंगे। एंट्री प्वाइंट्स पर बाहरी व्यक्ति राज्य में जिस स्थान पर जाने की जानकारी दर्ज कराएंगे, उन्हें उस स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर जाने की मनाही होगी और यह बात संबंधित व्यक्ति को एंट्री प्वाइंट पर ही बता दी जाएगी। इस कड़ी में, जो लोग अन्य राज्यों से पंजाब में अपने घरों को लौटेंगे, उन्हे 14 दिन के लिए घर में क्वारंटीन किया जाएगा।
राज्य में आने वाले हर व्यक्ति का डाटा होगा तैयार
सभी डीसी को हिदायत दी गई है कि राज्य के प्रवेश मार्ग पर बाहर से आए प्रत्येक व्यक्ति का विस्तृत डाटा एकत्र किया जाए। इसके तहत, आने वाले व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, व्यक्ति किस स्थान से आया है, स्थायी पता, जिस जगह जाना है उस स्थान का पूरा पता, मेडिकल स्क्रीनिंग में पाए गए लक्षण, आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। यह डाटा स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों को भी डीसी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रवासी मजदूरों के ठहरने की अलग होगी जगह
मुख्य सचिव की ओर से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के ठहरने की गांवों में अलग व्यवस्था की जाए। संबंधित सरपंच, पंचायत सचिव, पटवारी, नंबरदार, एसएचओ को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रवासी मजदूर निर्धारित किए गए स्थान पर ही ठहरें और वहां उनके बीच सामाजिक दूरी, मास्क आदि के इस्तेमाल को सुनिश्चित किया जाए।
पंजाब से गुजरने वाले यात्रियों को रुकने की अनुमति
ऐसे व्यक्ति जो अन्य राज्यों में जाने के लिए पंजाब से होकर गुजरेंगे, उन्हें यात्रा के दौरान पंजाब में कहीं भी ठहरने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि यह बंदिश मालवाहक वाहनों के चालकों पर लागू नहीं होगी लेकिन राज्य के एंट्री प्वाइंट पर उनकी भी मेडिकल स्क्रीनिंग अनिवार्य की गई है।