अपनी पेंशन, सरकारी मदद राशि चेक करने, निकलवाने और अन्य कामों के लिए बैंकों के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी है, जिससे बैंकर्स को संक्रमण फैलने का खतरा सताने लगा है। क्योंकि बैंक परिसर और बाहर सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल को मेंटेन करना मुश्किल बना हुआ। ऐसे में बैंकर्स को जहां खुद के संक्रमित होने का खतरा सता रहा है। भीड़ भी आफत बनी हुई है। इसी को लेकर कहीं जगह स्थानीय पुलिस प्रशासन भी संबंधित बैंकर्स पर भी दबाव बना रहा है।
उधर, मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी इस बात का अहसास है कि लॉकडाउन में अपने कामों को लेकर बैंक में भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए उन्होंने भी बैंक को दिशानिर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत हर लाभार्थी महिलाओं के खाते में 500-500 रुपये तथा प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के 2000 रुपये की किस्त भी लाभार्थी किसानों के खाते में डाल दी गई है। अब लोग बैंकों में राशि निकालने के लिए आएंगे।
इसलिए बैंकर्स से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि उपभोक्ताओं को एसएमएस तथा उनके टोकन की जानकारी बैंक में आने से पूर्व दी जाए ताकि वे बैंकों में कम से कम समय रहें और सोशल डिस्टेसिंग भी बनी रहे तथा अपना काम भी कर जाएं।
बैंकों को तीन चरण की योजना बनाने के निर्देश
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि बैंकों में अधिक भीड़ न हो, इससे बचने के लिए, बैंकों को तीन चरण की योजना बनाने के लिए कहा गया है, जिसमें एक तंत्र तैयार किया जाना चाहिए। जिसके तहत एक स्वयंसेवक या एक बैंक प्रतिनिधि बैंक के बाहर तैनात किया जाएगा। यह कूपन आधे-आधे घंटे के स्लॉट में होंगे। ताकि लोग अपने समय के अनुसार बैंक में आए।
उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों को एक तंत्र विकसित करने के लिए भी कहा गया है, जिसके द्वारा लोगों को एसएमएस के जरिये बैंकों में आने की अपॉइंटमेंट तय की जाए। ताकि जिन लोगों को अपांइटमेंट मिलेगी, वे ही बैंक में आएंगे। इसके साथ ही, बैंकों में आए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना सुनिश्चित किया जाए।