प्रोफेसर ने कहा कि मेरा बेटा भी घर में मुझे काफी याद करता है। उम्मीद है जल्द बेटी व सास भी ठीक होकर घर लौटेंगी। प्रोफेसर ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे पता है मैं कितने कष्ट के दौर से गुजरा हूं। पीयू के प्रोफेसर ने 6 अप्रैल को बुखार आने के बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दिखाया था। वहां से उन्हें जीएमएसएच-16 में रेफर कर दिया गया। यहां पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जहां से प्रोफेसर को 10 अप्रैल को पीजीआई के कोविड सेंटर में भेज दिया गया था, जहां पर वह दो दिन वेंटिलेटर पर रहे।
मुश्किलों से जीती है कोरोना से जंग
डीन प्रो. जीडी पुरी ने कहा कि पीयू प्रोफेसर की बॉडी में ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। डायबिटीज थी, कोरोना होने की वजह से उनका शुगर लेवल 400 के ऊपर चला गया था। आईसीयू में शिफ्ट कर उनका ऑक्सीजन लेवल ठीक किया गया अब उनका शुगर भी सामान्य है। उन्हें 10 दिन के बाद आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि प्रो. डायबिटीज से पीड़ित है, वह आयुर्वेदिक दवाएं ले रहे थे जिसकी वजह से उनका शुगर लेवल अनियंत्रित था लेकिन दवाओं के जरिए उन्हें ठीक कर दिया गया।