एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्वीट कर बताया कि शहर के सभी डिस्पेंसरी, पीएचसी और वैलनेस सेंटर खुले हैं। शहरवासी वीरवार को सुबह 11 बजे से 3 बजे और शुक्रवार से सुबह 10 से 2 के बीच अपने एरिया के डिस्पेंसरी आदि में जाकर अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट क्लीनिक सेक्टरों में नहीं खुल रहे हैं तो ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
अगर वह चाहें तो डिस्पेंसरी में जाकर अपना इलाज करा सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इन दिनों जब लोग घर में बैठे हुए हैं खाली समय में वह एक काम कर सकते हैं, कि अपने छत-बालकनी में इकट्ठा हुए पानी में डेंगू के मच्छर पैदा न होने दें। लोग इन दिनों का इस्तेमाल घर के हर कोने की सफाई के लिए कर सकते हैं, ताकि शहर को कोरोना वायरस के साथ डेंगू की समस्या से न जूझना पड़े।
9.5 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग का काम पूरा
डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉक्टर जी दीवान ने बताया कि शहर भर में डोर-टू-डोर हेल्थ स्क्रीनिंग का काम जारी है। अब तक साढ़े नौ लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जा चुकी है। सेक्टर 46, 24, 43, 8, 25 और 28 के हिस्सों को कवर किया जा चुका है। इस दौरान जो भी संदिग्ध केस मिलते हैं, उनकी जांच की जाती है या जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल लिये जाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरे शहरवासियों के स्वास्थ्य की जांच का काम पूरा कर लिया जाए।
योजना के तहत 24 हजार परिवार को बांटे गए गेहूं और दाल
वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि वह एडवाइजर के साथ मिलकर शहर के व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ एक बैठक करेंगे, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। फूड और सप्लाई विभाग के सेक्रेटरी विनोद पी कावले ने बताया कि अब तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 24000 परिवारों को गेहूं और दाल मुहैया कराया जा चुका है। प्रशासक ने अनाज के वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की सख्ती से पालना के आदेश दिए। डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने बताया कि बुधवार को शहर भर में 1 लाख 43 हजार से ज्यादा खाने के पैकेट जरूरतमंदों को दिए गए हैं।