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सौर ऊर्जा योजना: हरियाणा सरकार के ढुलमुल रवैये को देखते हुए केंद्र सरकार ने किया हस्तक्षेप

Wed, 22 Apr 2020 02:33 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
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हरियाणा में सीएम सौर ऊर्जा योजना पर संकट के बादल मंडराते देख केंद्र सरकार ने दखल दिया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के ग्रिड सौर ऊर्जा प्रभाग ने हरियाणा सरकार को योजना में 2000 करोड़ रुपये लगा चुके निवेशकों के हित सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के बीच घर बैठे सौर ऊर्जा उत्पादकों को इससे बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री की ओर से भेजे गए पत्र में साफ कहा गया है कि एक बार जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, उन अनुबंधों में जब तक कोई भ्रष्टाचार साबित न हो उनका सम्मान करें।
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अनुबंधों की पवित्रता भी बनी रहनी चाहिए, यानि उनके नियम, शर्तों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। केंद्रीय मंत्री ने यह निर्देश निवेशकों की गुहार पर दिए हैं। कनेक्ट सोलर कंपनी ने 14 फरवरी 2020 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर उनके हित सुरक्षित करने की गुहार लगाई थी। पत्र में निवेशकों ने लिखा था कि सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए हरियाणा में संकट का समय है। वे 2000 करोड़ से अधिक का निवेश कर चुके हैं। दो साल से सरकार योजना के नियम व शर्तों में बदलाव करती आ रही है, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है।

कनेक्ट सोलर कंपनी ने केंद्रीय मंत्री को भेजी अपनी शिकायत के साथ अमर उजाला की प्रतियां भी संलग्न की थी। चूंकि, अमर उजाला लगातार इस मामले को उठाता रहा है। ग्रिड सौर ऊर्जा प्रभाग के वैज्ञानिक-बी मोहम्मद अजमल मंसूरी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की ओर से हरियाणा नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक को निवेशकों के हित सुरक्षित रखने को कहा है। जिससे निवेशकों में उम्मीद जगी है कि हरियाणा सरकार अब उनके पक्ष में सकारात्मक निर्णय लेगी।
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डिस्कॉम की आपत्ति के बाद लाइसेंस नहीं दे रहा एचवीपीएनएल

हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम यानि एचवीपीएनएल सौर ऊर्जा उत्पादकों के संयंत्रों के लिए कनेक्शन समझौता नहीं कर रहा, न ही लंबी अवधि के लिए सौर ऊर्जा देने का लांग टर्म ओपन एक्सेस लाईसेंस दे रहा है। चूंकि, डिस्कॉम यानि उत्तर व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादकों को लाइसेंस देने पर आपत्ति जता रहे हैं। जिससे सरकार भी आगे कदम नहीं बढ़ा रही। डिस्कॉम के दबाव में सरकार योजना में कई फेरबदल कर चुकी है।

लगभग 1050 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं का आवंटन
हरियाणा में योजना के तहत लगभग 1050 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं का आवंटन किया गया है। निवेशकों ने भूमि और बुनियादी ढांचे में बड़ी रकम लगाई हुई है। लगभग 380 मेगावाट की परियोजनाओं को पहले ही अंतिम कनेक्टिविटी के साथ-साथ एचवीपीएनएल हरि झंडी दे चुका है। जिनमें निर्माण के विभिन्न चरणों को पूरा कर लिए गए हैं।

1050 मेगावाट के आवेदकों को सैद्धांतिक रूप से सहमति मिल चुकी है, जिसके बाद उन्होंने जमीन और बुनियादी ढांचे में करोड़ों रुपये का निवेश किया है और अंतिम कनेक्टिविटी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन, डिस्कॉम का इन आवंटन के विरोध में उतरना निवेशकों के लिए मुसीबत बन गया है। 
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