किसानों से बातचीत करते बीएसएफ के आईजी महिपाल यादव
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक बसे सीमांत गांवों के ग्रामीणों को बचाने के लिए बीएसएफ ने कोरोना वायरस से जंग शुरू कर दी है। बीएसएफ की कुछेक यूनिटें अपने हिस्से का राशन 24 सीमांत गांव के जरूरतमंद लोगों को बांट चुके हैं। यही नहीं उन्हें कोरोना से बचाने के लिए सैनिटाइजर भी दिया जा रहा है। सोमवार को बीएसएफ फिरोजपुर सेक्टर के 79 गांवों के किसानों व ग्रामीणों को बीएसएफ के आईजी महिपाल यादव और फिरोजपुर बीएसएफ सेक्टर के डीआईजी संदीप चानन की अध्यक्षता में 2500 लीटर सैनिटाइजर वितरित किया है।
बीएसएफ के आईजी महिपाल यादव ने बताया कि बीएसएफ सरहद से सटे 24 गांव ऐसे थे, जहां गरीबी बहुत थी, वहां रहने वाले लोगों को राशन वितरित किया है। बीएसएफ सीमांत गांवों के लोगों को कोरोना वायरस से लड़ने की ट्रेनिंग दे रही है। अभी तक सीमांत गांवों के किसानों व ग्रामीणों को 11 हजार 500 मास्क वितरित किए हैं। इसके अलावा फिरोजपुर के 79 गांवों के किसानों व सरपंचों को 2500 लीटर सेनिटाइजर वितरित किया है, इसका 75000 ग्रामीण फायदा उठाएंगे।
बीएसएफ 21 गांवों को सेनिटाइज कर चुकी है और 48 गांवों में डाक्टरों की मद्द से कैंप लगाकर ग्रामीणों को कोरोना वायरस संबंधी जागरूक किया है। कई किसानों ने आईजी यादव को अपनी फेंसिंग पार जमीन संबंधी मुश्किलें बताई। किसानों का कहना है कि इन दिनों गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। बीएसएफ फेंसिंग पर लगे एक गेट से ही सभी किसानों को प्रवेश कर रही है, ऐसा करने से किसानों का समय बहुत नष्ट होता है। गेहूं की कटाई को बहुत कम समय मिलता है।
किसानों ने आईजी से मांग की है कि गेहूं सीजन में कम से कम दो गेट खोल कर किसानों को फेंसिंग पार जमीन पर जाने दिया जाए। कई गांव ऐसे हैं जिन लोगों की फेंसिंग पार चार सौ एकड़ जमीन है, यदि एक गेट से प्रवेश करते हैं तो उन्हें अपनी जमीन तक पहुंचने में समय लगता है। किसानों की इस समस्या को जल्द हल करने का आईजी ने आश्वासन दिया।