यूटी प्रशासन ने बापूधाम को कंटेनमेंट जोन घोषित किया हुआ है, लेकिन हकीकत यह है कि बापूधाम में प्रशासन की सख्ती सिर्फ दिखावे की है। ग्राउंड लेवल पर सच्चाई यह है कि इलाके में न तो सीआरपीएफ दिखाई देती है और न ही पुलिस के जवान। लोग बेखौफ होकर आराम से घूमते हैं। वेंडर्स सब्जियां बेच रहे हैं। घरों में दुकानें खुली हैं। दिनभर लोग खरीदारी करते हैं। जैसे ही पुलिस आती है दुकान का शटर गिरा दिया जाता है। यह क्रम दिनभर चलता रहता है।
कोरोना वायरस को लेकर शहर में लोग डरकर अपने घरों में बैठे हैं। लोगों के मन में खौफ है कि कहीं यह वायरस कहीं उनके सेक्टर या गली-मोहल्ले में न पहुंच जाए। वहीं, दूसरी ओर बापूधाम में प्रशासन की तरफ से बरती जा रही सख्ती सिर्फ दिखावा मात्र नजर आ रही है। अमर उजाला ने बुधवार को बापूधाम के अंदर के हालातों का जायजा लिया तो कई हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। पुलिस सिर्फ एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर खड़ी है। सीआरपीएफ के कुछ जवान सिर्फ फेज-1 में हैं।
बापूधाम के गुरुद्वारे के पास सड़क के एक किनारे वेंडर्स आराम से सब्जियां बेच रहे थे। लोग भी सोशल डिस्टेंसिंग को मुंह चिढ़ा कर सब्जियां खरीद रहे थे। कुछ लोगों की शिकायत रही कि सब्जियां महंगी दामों पर बेची जा रही हैं। लोगों का यह भी कहना था कि प्रशासन की तरफ से आने वाली बस बापूधाम के सिर्फ एक हिस्से में ही आती है। ऐसे में सभी लोग उस तक नहीं पहुंच पाते हैं, इसलिए उनके पास और कोई रास्ता नहीं है। उधर, बापूधाम को लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कहना है कि अगले तीन दिन तक वहां पर तेजी से कोरोना की टेस्टिंग की जाएगी। हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच होगी ताकि समय रहने संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।