पंचकूला में बुधवार को कोरोना वायरस के पांच मामले सामने आए हैं। इनमें तीन पंचकूला, एक कालका और एक केस अंबाला का है। इन केसों के आने से जिले में कुल 184 केस हो चुके हैं। इसकी पुष्टि पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने की। उन्होंने बताया कि सेक्टर-7 में 40 साल व 49 साल के व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
वहीं सेक्टर-19 में एक 26 साल का व्यक्ति पॉजिटिव मिला है। उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं एक केस कालका आदर्श नगर कॉलोनी का है। 31 वर्षीय व्यक्ति स्टाफ नर्स और परवाणु के व्यक्ति के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित हुआ है। इसके अलावा 90 साल की अंबाला की एक महिला की कोरोना से मौत हो गई। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के नोडल ऑफिसर राजीव नरवाल ने बताया कि मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट बनाई जा रही है। सभी को होम क्वारंटीन करने के साथ सैंपल भी लिए जाएंगे। प्रशासन इन सभी जगहों को सैनिटाइज भी करवा रहा है।
मोहाली जिले में बुधवार को सात लोग कोरोना पॉजिटिव आए और वहीं, 11 लोग तंदरुस्त होकर अपने घर लौटे हैं। इसमें से 10 डेराबस्सी के गांव बेहड़ा के रहने वाले हैं और एक लालड़ू का रहने वाला है। वहीं, अब जिले में कोरोना पीड़ितों की कुल संख्या 330 हो गई, जबकि 248 लोग तंदरुस्त हो गए और 6 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अभी एक्टिव मरीज 76 हैं।
बुधवार को कोरोना पॉजिटिव आए चार लोगों में 22 वर्षीय युवक निवासी कुंभड़ा, 14 वर्षीय लड़का और 42 वर्षीय पुरुष निवासी सेक्टर-104 मोहाली पॉजिटिव आए हैं। यह दोनों कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने से कोरोना के शिकार हुए हैं। इनके अलावा सेक्टर-48 निवासी एक पुरुष पॉजिटिव आया है। वहीं देर शाम एसडीएम मोहाली जगदीप सिंह सहगल की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इनके अलावा दो लोग कुराली के रहने वाले भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
जबकि डेराबस्सी के गांव बेहड़ा के 9 लोगों और लालड़ू निवासी एक व्यक्ति को तंदरुस्त होने पर ज्ञान सागर अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। इन सभी को एकांतवास में रहने को कहा गया है।
पंजाब विश्वविद्यालय के एक हॉस्टल में रह रहे छात्र में कोरोना के लक्षण मिले हैं। छात्र को एहतियातन जीएमएसएच-16 में भर्ती कराकर कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल ले लिए गए हैं। पीयू के ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात में फिलहाल 13 स्टूडेंट्स कर रहे हैं। इनमें से तीन अफगानिस्तान के हैं। सूत्रों का कहना है कि एक छात्र को मंगलवार रात से तेज बुखार आ रहा है।
अधिकारियों के कहने पर छात्र पीयू के स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के बाद छात्र को जीएमएसएच-16 भेजा गया। जहां कोरोना के लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर छात्र को वार्ड में रखा गया है। हॉस्टल में चूंकि 13 छात्र हैं, ऐसे में छात्र की जांच रिपोर्ट आने तक उसे अस्पताल में ही रखा जाएगा। देर रात तक छात्र की रिपोर्ट नहीं आई थी। मालूम हो कि पीयू प्रशासन छात्रों को हॉस्टलों से घर इसलिए भेजना चाहता है ताकि छात्र सुरक्षित रह सकें।
यदि छात्र पॉजिटिव मिला तो पीयू को जवाब देना भारी पड़ जाएगा और कैंपस के अन्य स्टूडेंट्स में भी कोरोना फैल सकता है। इसकी चेन लंबी हो सकती है। पीयू प्रशासन का मन है कि बचे लगभग 140 छात्रों को घर भेजा जाए ताकि सुरक्षित रह सकें।