सिविल सर्जन ने कैप्टन को बताया कि जालंधर में अब तक ढाई हजार से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं और सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज की जा रही है। उन्होंने बताया कि जालंधर में कई ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं थे और अधिकतर मरीज संक्रमित के संपर्क में आने के बाद वायरस की चपेट में आ गए। इसलिए ऐसे मरीजों को सिविल अस्पताल में आइसोलेट किया गया है।
सीएम ने जालंधर के विधायकों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंस
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जालंधर के विधायकों से मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान उन्होंने जिले में कोरोना से संक्रमण के अलावा राशन वितरण और इंडस्ट्री की तमाम दिक्कतों के बारे में पूछा। इसमें जालंधर वेस्ट से विधायक सुशील रिंकू, केंद्रीय विधायक राजिंदर बेरी, शाहकोट से लाडी शेरोवालिया, परगट सिंह और सुरिंदर चौधरी शामिल हुए।
विधायक सुशील रिंकू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताया कि उनके द्वारा भेजा गया सरकारी राशन नीले कार्ड धारकों को मिल गया लेकिन कई लोग रह गए। रिंकू ने यह भी कहा कि सरकार ने इंडस्ट्री को चलाने के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें मीडिया क्लास इंडस्ट्री को भी शामिल किया जाए ताकि उनकी समस्याएं भी सरकार तक पहुंचे क्योंकि लॉकडाउन से मीडिया इंडस्ट्री काफी प्रभावित हुई है।
वहीं विधायक बावा हेनरी ने कहा कि जो श्रमिक वापस अपने गांव जाना चाहते हैं, उनके जाने का प्रबंध किया जाए। अगर यहीं रुकना चाहते हैं तो उनके खाने का प्रबंध किया जाए। विधायक बेरी ने छोटे दुकानदारों की बात उठाई कि उनको दुकानों के किराये व बिजली के बिल पड़ रहे हैं, उनका समाधान जरूर किया जाए। इसके अलावा पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (पिम्स) को आम जनता के लिए खोला जाए ताकि लोग इलाज करवा सकें।