हरियाणा में लाकडाउन उल्लंघन के अभी तक 2916 मामले सामने आए हैं। पुलिस ने भी इसके चलते 651 एफआईआर दर्ज की है और 956 लोगों को गिरफ्तार किया है। 4145 वाहन भी जब्त किए हैं। जबकि विभिन्न वाहनों का चालान कर 4 करोड़ 10 लाख की जुर्माना राशि भी वसूली गई है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज यादव ने बताया कि पुलिस द्वारा अब तक 4 लाख 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों, दैनिक वेतन भोगियों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक और परोपकारी व्यक्तियों तथा अन्य संगठनों की मदद से मुफ्त राशन व भोजन की सुविधा प्रदान की गई है।
यादव ने बताया कि पुलिसकर्मियों को भी दृढ़ता से काम करते हुए जनता के साथ दुर्व्यवहार न करने के लिए जागरूक किया गया है। उन्होंने कहा कि लाकॅडाउन के दौरान किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 15 महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय प्रवेश बिंदुओं पर डीएसपी रैंक के अधिकारियों को लगाया गया है।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष कर रहे सरकारी कर्मचारी बाप चर्बी अपने वेतन में से 10 फीसद मदद कोरोना रिलीफ फंड में देंगे। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने बताया कि समिति द्वारा अपने जिला और राज्य कार्यकारिणी से चर्चा के बाद रिलीफ फंड में मुख्यमंत्री द्वारा आग्रह की गई राशि को रिलीफ फंड में देने का निर्णय लिया है।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति सरकार से कर्मचारियों के मार्च महीने के वेतन से 10 प्रतिशत और अधिकारियों के मार्च महीने के वेतन से 20 प्रतिशत राशि काटने के बारे आवश्यक कार्रवाई करने की मांग करती है। महासचिव ऋषि ने बताया कि हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि हरियाणा प्रदेश का कर्मचारी किसी भी आपदा के दौरान प्रदेश को सुरक्षित रखने के लिए पूर्व की भांति अग्रणी य भूमिका निभाता रहेगा।
स्कूल लेक्चरर ने रिलीफ फंड में दिए 13.26 करोड़
कोरोना से जंग के लिए हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने भी पहल करते हुए 5000 रुपये प्रति प्राध्यापक देने का निर्णय लिया है। अब तक लेक्चरर 13 करोड़ 26 लाख रुपये का योगदान कर चुके हैं। हसला ने हरियाणा कोरोना रिलीफ़ फंड में योगदान देने को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा था। जिस पर शिक्षा विभाग ने एचआरएमएस पर वेतन से ही सहायता राशि काटने के लिए लिंक खोल दिया।
लिंक खुलते ही लेक्चरर ने उत्साह दिखाते हुए राशि देना शुरू कर दी। हसला प्रधान दयानंद दलाल, महासचिव बीर सिंह राणा व प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया ने लेक्चरर से 5000 से कम योगदान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि लेक्चरर ने जिस ऊर्जा और उत्साह से दिल खोलकर योगदान देने जो रुचि दिखाई है उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उनके उत्साह के चलते ही 13 करोड़ रुपये से ज्यादा एकत्रित हो चुके हैं। उम्मीद है कि ये राशि 3-4 गुणा और इकट्ठा होगी।