डिस्चार्ज के नए मानक को फॉलो करते हुए बुधवार को पीजीआई से 45 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। उन मरीजों को दो बैच में डिस्चार्ज किया गया। सुबह 11 बजे 18 लोगों को डिस्चार्ज कर सूद भवन भेजा गया। इन 18 लोगों में सात पुरुष और 11 महिलाएं शामिल थीं, जबकि दोपहर 3 बजे 27 लोगों को डिस्चार्ज कर सूद भवन भेजा गया।
उन 27 लोगों में 14 पुरुष और 13 महिलाएं शामिल थीं। पीजीआई से डिस्चार्ज होते समय इन मरीजों ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए पीजीआई प्रशासन और डॉक्टरों को धन्यवाद दिया। मरीजों का कहना था कि कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी से बचाकर पीजीआई के डॉक्टरों ने उन्हें एक नया जीवन दिया है।
अब बदला नियम, 10 दिन में मरीज होंगे डिस्चार्ज
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब कोरोना के मरीज को डिस्चार्ज करने से पहले उनके दो रिपीट टेस्ट के निगेटिव आने का इंतजार नहीं किया जाएगा। कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद तय समय के दौरान दिए गए इलाज के बाद लगातार 3 दिनों तक बुखार न आना ही उनके ठीक होने का मानक होगा। उसके बाद उसे 10 दिन के अंदर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। यानी कोरोना संक्रमित मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखे जाने पर अगर तीन दिन के अंदर लक्षण सामने नहीं आते हैं तो उन्हें 7 दिन का क्वारंटीन पूरा करने के बाद 10 दिन में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
पीजीआई ने स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन को मानते हुए बुधवार को बापूधाम के 45 कोरोना पॉजिटिव लोगों को डिस्चार्ज किया, जिन्हें सूद भवन में अगले 7 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया है। सात दिन का समय पूरा करने के दौरान दोबारा उनमें कोई लक्षण न आने पर उन्हें घर भेज दिया जाएगा।