हरियाणा में स्कूली बच्चों को मिड डे मील के राशन का वितरण टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को घर पर राशन पहुंचाने में असमर्थ हैं। चूंकि, शिक्षकों ने बच्चों के घर जाकर राशन सामग्री देने से मना कर दिया है।
शिक्षा निदेशालय ने इसे देखते हुए अब सभी जिलों के डीसी से राशन वितरित करवाने के लिए मदद मांगी है। मौलिक शिक्षा निदेशक कार्यालय ने डीसी से मैनपावर मुहैया कराने को कहा है ताकि बच्चों के घर पर राशन व राशि पहुंचाई जा सके। निदेशालय ने अपने पत्र में राशन वितरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए फैसले का भी हवाला दिया है।
साथ ही कहा है कि हर दिन बहुत महत्वपूर्ण है। कोरोना के चलते धारा-144 व बंद लागू है। इसलिए स्कूली बच्चों को छुट्टियों के दौरान घर पर राशन व कुकिंग राशि मुहैया करानी है। मुख्यमंत्री भी इसके निर्देश दे चुके हैं। डीईईओ कार्यालयों को सामग्री पहुंचाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।