चंडीगढ़ पीजीआई के शवगृह में दो दिन से कोरोना मरीजों के शव रखे हैं। इससे शवगृह में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों में दहशत है। पीजीआई प्रशासन भी परेशान है, लेकिन नगर निगम और प्रशासन के बीच तालमेल न होने से शव को यहां रखना पड़ रहा है।
पीजीआई के कोरोना वार्ड में भर्ती बद्दी निवासी महिला की वीरवार शाम मौत हो गई थी। इसके बाद उसका शव मॉर्चरी में भेज दिया गया। लेकिन अब तक उसे हटाने के आदेश का इंतजार हो रहा है। इसी बीच शुक्रवार को पंजाब के बंगा निवासी एक कोरोना के संदिग्ध मरीज की मौत के बाद उसका शव भी रख दिया गया।
अलग-अलग शिफ्टों में वहां ड्यूटी कर रहे 30 कर्मचारियों ने इसे लेकर चिंता जताई है। इस बारे में पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि शव से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है, क्योंकि मानकों को पूरा करते हुए शव को रखा गया है। जहां तक उसे हटाने की बात है तो उसका निर्णय नगर निगम और प्रशासन के स्तर पर होना है।