सिटी ब्यूटीफुल में कोरोना वायरस के मामले भले ही लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन अब भी सैंपल बहुत कम लिए जा रहे हैं। जून महीने के पहले 16 दिनों में सिर्फ 1299 सैंपल ही लिए गए हैं यानी औसतन रोजाना 81 सैंपल, जबकि चंडीगढ़ के पीजीआई, जीएमसीएच और इमटेक व प्राइवेट लैब की कुल क्षमता रोजाना 800 से 1000 कोराना सैंपल की जांच करने की है।
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की गाइडलाइंस के तहत ही काम कर रहे हैं और उसी के हिसाब से सैंपल लिए जा रहे हैं। अप्रैल और मई महीने में जहां सैंपलों की संख्या में इजाफा हुआ था, वहीं मई के आखिर और जून में सैंपल की संख्या कम हो गई।
एक जून को चंडीगढ़ के लोगों के मात्र 31 कोरोना वायरस के सैंपल लिए गए हैं। प्रशासन के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के बापूधाम में भी अब सैंपल लेना कम कर दिया गया है। वहीं, पहले कंटेनमेंट जोन रह चुके इलाकों में भी न के बराबर सैंपल लिए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल पॉजिटिव आने वाले मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों के ही सैंपल लिए जाएं। इसके अलावा बिना किसी लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति का सैंपल न लें।
आईसीएमआर की बदलती गाइडलाइंस भी कम सैंपल की बड़ी वजह
शुरुआत में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग पर जोर दिया लेकिन समय के साथ गाइडलाइंस बदलती गईं। किन लोगों की सैंपलिंग की जानी है, इसे लेकर 17 मार्च से अब तक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) चार बार गाइडलाइंस जारी कर चुकी है।
जब भी नई गाइडलाइंस जारी की गई तो दावा किया गया कि उसमें सैंपलिंग का दायरा बढ़ाया गया, लेकिन आखिरी गाइडलाइंस में कहा गया कि अगर किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं हैं तो उसके सैंपल लेने की जरूरत नहीं है। इसी गाइडलाइंस के तहत अब शहर में कोरोना के सैंपल लिए जा रहे हैं और उनकी जांच कराई जा रही है। हालांकि यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि शहर में अभी तक 80 फीसदी ऐसे लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं थे।
कुछ राज्य अपने स्तर पर ज्यादा सैंपल ले रहे हैं लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन सिर्फ आईसीएमआर की गाइडलाइंस का पालन कर रहा है। इसके तहत सभी लक्षण वाले मरीजों और कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले हाई रिस्क लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जो भी संदिग्ध रहे हैं, सभी का सैंपल लिया गया है।
- अरुण कुमार गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव, चंडीगढ़
सैंपल की जांच करने की क्षमता (रोजाना)
पीजीआई - 500
जीएमसीएच- 300
इमटेक व प्राइवेट लैब- 200
दिनांक - सैंपल
1 जून- 31
2 जून- 86
3 जून- 75
4 जून- 82
5 जून- 62
6 जून- 116
7 जून- 75
8 जून- 69
9 जून- 70
10 जून- 81
11 जून- 104
12 जून- 72
13 जून- 131
14 जून- 98
15 जून- 90
16 जून- 88
(नोट: यह आंकड़े जून महीने के हैं और चंडीगढ़ प्रशासन के मीडिया बुलेटिन से लिए गए हैं।)