मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि दूरी बनाए रखना और कोरोना प्रभावित मुल्कों से वापस आने वाले सभी लोगों को ढूंढना और उनकी जांच करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में राज्य में 94 हजार एनआरआई और विदेशी लौटे हैं। इनमें से कई लोगों की जानकारी हासिल कर ली गई है और लगभग 30 हजार को एकांत में रखा गया है। बाकी लोगों को ढूंढने के कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश से आने वाले किसी भी नए व्यक्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस की निगरानी में खोली जाएं दुकानें: सीएम
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने सब्जियां और किराना घर-घर पहंचाने के लिए जिला मंडी अफसरों व मार्केट कमेटी सचिवों को हुक्म जारी कर दिए हैं ताकि कर्फ्यू में ढील के दौरान बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर न पहुंचें क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ बड़े मॉल और कारोबारी भी घर-घर सामान पहुंचाने के काम में साथ जोड़े जा सकते हैं। सीएम ने कहा कि किराने की दुकानें, दूध विक्रेताओं, फल और सब्जियों की दुकानें और केमिस्टों को अपनी दुकानें खोलने के लिए आम इजाजत देने की बजाय उन्हें बारी-बारी से इजाजत देने का फैसला किया गया है।
एक समय पर संबंधित इलाके में कम-से-कम एक दुकान खुले। ऐसी दुकानों को कॉल करने पर घर-घर सामान पहुंचाने की भी आज्ञा होगी। दुकानों पर बहुत भीड़ रोकने और अपेक्षित दूरी बनाए रखने के लिए फैसला किया गया है कि एक या दो पुलिस वालों की निगरानी में काम किया जाए।
घरों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए रणनीति बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री द्वारा जारी कर्फ्यू संबंधी निर्देशों का पालन करवाने के लिए डीजीपी ने पंजाब पुलिस की सीनियर मैनेजमेंट टीम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी आईजी, डीआईजी रेंज और सीपी, एसएसपीज के साथ मंगलवार को मीटिंग की। मीटिंग में लोगों को जरूरी चीजें जैसे कि दूध और खाने-पीने की चीजें, दवाएँ, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि पहुँचाने के लिए विचार-विमर्श भी किया गया। डीजीपी ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए कि यह यकीनी बनाया जाए कि दूरसंचार, बैंक, एटीएम, पत्रकारों, अख़बारों, डॉक्टरों, पैरामेडिकल, सैनेटरी वर्करों, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर आदि समेत जरूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए कर्फ्यू में जरूरत के अनुसार पास मुहैया करवाया जाएं।
डीजीपी पंजाब ने फील्ड पुलिस स्टाफ को देश के नागरिकों के लिए मुशकिल समय में प्रचारकों और समाज सेवियों के तौर पर काम करने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने भोजन और दवाएं मुहैया करवाने के लिए ताल मेल बिठाने सम्बन्धी लगभग 50-100 पुलिस मुलाजिमों की टीम बनाने और तैनात करने के लिए कहा। गुप्ता ने सुझाव दिया कि काम न कर रहे ऑटो और टैक्सी चालकों को डिलीवरी लडक़ों के तौर पर जरूरत का समान घर -घर पहुँचाने के लिए भी तैनात किया जा सकता है। लुधियाना, संगरूर और बरनाला जिले में पहले ही ऐसी प्रणाली चालू की गई है। यह भी विचार-विमर्श किया गया कि रेहडिय़ों औकैप्टन बोले- 94000 एनआरआई लौट आए, 30000 लोग आइसोलेट, डॉक्टर कर रहे हैं कड़ी निगरानीर दूध वाली वैनों को घर -घर डिलीवरी के लिए बस्ती, मोहल्लों और गलियों में जाने की आज्ञा दी जानी चाहिए।
जरूरी सामान ला रहे ट्रकों को छूट, खुलेंगे पेट्रोल पंप
डीजीपी ने जिला पुलिस मुखियों को सलाह दी कि वह अंतर-राज्यीय सरहदों से पार खाने -पीने और जरूरी सामान पंजाब में ले जाने के लिए ट्रकों की सुचारू यातायात को मंजूरी दें ताकि जरूरी वस्तुओं की कमी न हो। उन्होंने पठानकोट के माधोपुर बैरियर में फंसे सैंकड़ो ट्रकों के जम्मू -कश्मीर में दाख़िल होने के लिए जम्मू -कश्मीर के मुख्य सचिव और डीजीपी से भी बातचीत की। उन्होंने कश्मीरी विद्यार्थियों के मुद्दे पर भी जम्मू -कश्मीर के सीनियर अधिकारियों से भी बातचीत की। यह भी तय किया गया कि हाईवे पर चल रहे पेट्रोल पंपों को यात्रियों की सुविधा के लिए खुला रखने की आज्ञा दी जाए।