युवक का कहना है कि बुधवार को दुबई से लौटा हूं। अमृतसर के एयरपोर्ट पर जब वह उतरा था उसका चेकअप किया गया था। चेकअप होने के बाद ही उसे एयरपोर्ट से बाहर आने दिया। गुरुवार को एक लैब में पथरी का टेस्ट कराने गया था। जब उक्त लैब वाले को दुबई से लौटने की बात कही तो उसने सिविल अस्पताल के डॉक्टरों को सूचित किया।
सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर ने उसे कोरोना का संदिग्ध बता दिया। उसके नाम व गांव के नाम से सोशल मीडिया पर कोरोना का संदिग्ध बताकर उसे अस्पताल से भगोड़ा बता दिया। उक्त युवक ने अस्पताल के डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। युवक ने कहा कि वह अस्पताल से भागा ही नहीं है।
दूसरी तरफ, युवक का चेकअप होने पर उसके परिजन उसे घर ले जाने की बात कहने लगे तो डॉक्टरों ने उसे जाने से रोक दिया। इसी बात पर परिजनों की डॉक्टरों से कहासुनी हो गई। युवक के पिता का कहना है कि उनके बेटे के पेट में पथरी है। उनके पास लैब की रिपोर्ट है।