महिला का कहना था कि अस्पताल वालों ने गलत रिपोर्ट दी है। टीम ने इस संबंध में हेल्थ विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद डीसी के आदेश पर पुलिस टीम के सहयोग से महिला को बहन व बेटे समेत सिविल अस्पताल लाया गया। उनके सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, डीसी ने बताया कि महिला के खिलाफ गंभीर बीमारी की वजह से लोगों का जीवन खतरे में डालने की धारा जोड़कर केस दर्ज किया गया है।
पड़ोसियों व रिश्तेदारों को रखा होम आइसोलेशन पर
सिविल सर्जन डॉ मनजीत सिंह ने बताया कि जिस एरिया से महिला पॉजिटिव मिली है। उनकी टीम ने उस सारे इलाके को सैनेटाइज किया है। जिन पड़ोसियों व रिश्तेदारों के संपर्क में महिला सात दिनों में आई थी, उन करीब पंद्रह लोगों को भी होम आइसोलेशन पर रखा गया है। सबकी टैगिंग करवाई गई है। आसपास के इलाके के लोगों से भी संपर्क किया जा रहा है। यह सभी 14 दिन होम आइसोलेशन पर रहेंगे।
मोहाली: पीजीआई से भागी महिला की कोरोना रिपोर्ट आई निगेटिव
कोरोना मरीज के सामने आने के बाद मुश्किल में चल रहे जिला प्रशासन के लिए शुक्रवार शाम काफी राहत भरी रही। क्योंकि सेक्टर-68 की कोरोना की संदिग्ध मरीज का सैंपल टेस्ट निगेटिव आया है। इसका मतलब है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है। यह महिला गुरुवार सुबह पीजीआई से इलाज के दौरान भाग गई थी। इससे जिला प्रशासन आफत में आ गया था।
वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि महिला अब सेहत विभाग का पूरा सहयोग कर रही है। वहीं, महिला को 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन पर रखा गया है। डीसी गिरीश दियालन ने बताया कि उसकी ट्रैवल हिस्ट्री मांगी गई है। महिला के मुताबिक, वह दो महीने पहले विदेश गई थी। जांच के बाद यदि जरूरत हुई तो उसके खिलाफ दर्ज किया गया केस रद्द कर दिया जाएगा।
नवांशहर निवासी बुजुर्ग की मौत
एसबीएस नगर (नवांशहर) में हुई इस मौत के साथ ही देश में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या चार पहुंच गई है। 70 वर्षीय जिस बुजुर्ग की मौत हुई है, वह 7 मार्च को जर्मनी से इटली के रास्ते दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा था। उसी दिन वह अपने गांव पहुंच गया था। वह पहले से ही मधुमेह और उच्च रक्तचाप का मरीज था। उसे घर में ही चिकित्सीय निगरानी में रखा गया था।
4 मार्च को इटली से लौटा होशियारपुर निवासी अभी भी कोरोना संक्रमण से मुक्त नहीं हो पाया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब में दूसरी बार हुई जांच में भी वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इससे पहले इस व्यक्ति के खून की जांच पहले एम्स दिल्ली में हुई थी, जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद 7 मार्च को उसका सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी लैब पुणे भेजा गया। पुणे से 9 मार्च को आई रिपोर्ट में भी उसे कोरोना पॉजिटिव घोषित किया गया।
कोरोना पॉजिटिव यह मरीज अपने 15 वर्षीय बेटे व पत्नी के साथ इटली से लौटा था। उसकी पत्नी व बेटे के सैंपल की भी जांच की गई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। दरअसल, इस शख्स के बेटे की प्राथमिक टेस्ट रिपोर्ट एम्स से पॉजिटिव बताई गई थी, लेकिन पुणे की लैब में इसे निगेटिव बताया गया। यह शख्स गुरुनानक देव अस्पताल अमृतसर स्थित आइसोलेशन वॉर्ड में उपचाराधीन है। आइसोलेशन वॉर्ड में संदिग्ध मरीजों को भी प्रतिदिन लाया जा रहा है। उस व्यक्ति को अलग कक्ष में रखा गया है।
एक ही परिवार के छह सदस्यों के संदिग्ध होने की सूचना के बाद गांव मोरांवाली, अैमां जट्टां, बिन्जों, सून्नी, नूरपुर जट्टां और पोसी में धारा 144 लगा दी और सभी गांवों में लोगों का आना जाना बंद कर दिया गया। इसके अलावा सभी गांवों में गुरुद्वारों और मंदिरों से अनाउंसमेंट करवा दी गई कि कोई भी अपने घर से बाहर न निकले। सभी गांवों में पुलिस तैनात कर दी गई है। किसी के भी आने जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। यह सभी लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए किया जा रहा है।
सतीश कुमार, डीएसपी, गढ़शंकर
गढ़शंकर के छह गांवों में जिलाधीश के निर्देशों के तहत धारा 144 लगा दी गई है और अनाउंसमेंट करवा कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। यह सभी कदम एहतियात के तौर पर उठाए जा रहे हैं।
हरबंस सिंह, एसडीएम, गढ़शंकर
सात गांवों में 5 लोगों से अधिक के एकत्र होने पर पाबंदी
गांव पठलावा में कोरोना पीड़ित की मौत के बाद जिला प्रशासन की ओर से आसपास के 7 गांवों में 5 से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी लगा दी है। डीसी विनय बुबलानी की ओर से जारी किए गए आदेश के तहत गांव माहिल गहिलां, लधाना उच्चा, लधाना झिक्का, गोबिंदपुर, पद्दी मठवाल, अटारी व रामपुर में 5 से ज्यादा लोगों के एक जगह एकत्रित न होने के आदेश दिए गए हैं। गांव पठलावा में एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बुजुर्ग जर्मनी से इटली होते हुए कुछ दिन पहले ही भारत आए थे। जांच में वह कोरोना पीड़ित निकले थे।