चंडीगढ़ प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से शहर के सभी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, स्पोर्ट्स कोचिंग सेंटर, स्पोर्ट्स अकादमियों को 31 मार्च तक बंद कर दिया है। इसके अलावा इमरजेंसी की स्थिति में इंफोसिस की सराय, पार्क व्यू होटल और पंचायत भवन में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। अभी वर्तमान में जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि भारत सरकार भी यह देख रही है आपात स्थिति कि किन प्राइवेट अस्पतालों की मदद ली जा सकती है।
सेक्टर-21 का एरिया नहीं होगा सील: परिदा
एडवाइजर मनोज परिदा ने यह साफ किया कि अभी सेक्टर-21 को सील नहीं किया जाएगा। हालांकि गुरुवार दोपहर बाद पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात कर दी गई। बता दें कि चंडीगढ़ में कोरोना का जो पहला केस मिला है, वह सेक्टर-21 से ही मिला है। परिदा ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी अस्पतालों को पुलिस फोर्स मुहैया कराया है ताकि अगर कोई भी मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जाता है तो उसकी हिस्ट्री को तुरंत ट्रैक किया जा सके।
एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में छोटे-मोटे अपराध में बंद किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, जैसे कि कई अन्य राज्यों ने किया है। क्योंकि बुडैल जेल में कैदियों की संख्या काफी कम है और वह पहले से ही कई तरह के निर्देशों की पालना कर रहे हैं। कैदियों को अलग-अलग रखा गया है। इसके अलावा कैदियों को परिजनों से मिलने पर पाबंदी लगाई गई है।
तीसरे चरण से निपटने के लिए कर्मचारियों को करेंगे प्रशिक्षित: परिदा
एजवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि कोरोना वायरस थर्ड स्टेज में प्रवेश कर सकता है। यह वह स्टेज है जब वायरस सामान्य लोगों के बीच फैलने लगता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के ऑफिसर ट्रेंड नहीं हैं इसलिए शहर के स्कूल, कॉलेजों के टीचर व प्रशासन के कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रत्येक विभाग के 2 से 5 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी डायरेक्टर हेल्थ सर्विस रूबिंदरजीत सिंह बराड़ को दी गई है।
क्वारंटाइन किए गए लोगों को लगेगी स्टैंप
प्रशासन ने फैसला लिया है कि मुंबई एयरपोर्ट पर जैसे स्टैंप लगाई जा रही है, वैसे ही राइट हैंड के पीछे स्टैंप लगाई जाएगी, जिसमें 14 दिन के क्वारंटाइन पीरियड की उचित डेट भी होगी। इसके अलावा कोरोना को लेकर अलग-अलग प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है, जिसमें कांटेक्ट ट्रेसिंग, कर्मचारियों की ट्रेनिंग, अधिक इमरजेंसी में फूड सप्लाई सुनिश्चित करने, अस्पतालों में जरूरी सामान उपलब्ध करवाने व सैनेटाइजेशन के लिए अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
अभी कर्मचारियों की छुट्टी नहीं
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी के मामले पर एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि प्रशासन में जरूरी और गैर जरूरी विभागों के कर्मचारियों की सूची तैयार की है। समय आने पर इस पर फैसला लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को एडवाइजरी जारी की गई है कि वह अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा दें।
एक तरफ जहां कोरोना शहर में अपने पैर पसार रहा है। वहीं, दूसरी तरफ अफवाहों का बाजार भी गरम है। वीरवार को अचानक कोरोना के चलते सभी बाजारों के बंद होने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद लोगों की भारी भीड़ सेक्टर-26 की मंडी पहुंच गई। इस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने साफ किया है कि कोरोना वायरस के चलते किसी भी मार्केट को बंद नहीं किया गया है। सभी मार्केट पहले की तरह ही खुली रहेंगी।
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि सभी सेक्टरों की अपनी मंडी पहले की तरह ही खुली रहेंगी। इन्हें बंद करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि सेक्टर-26 में फुटकर में सब्जी बेचने वालों की वजह से काफी भीड़ जमा हो जाती है, उन्हें बंद कर दिया जाएगा क्योंकि सेक्टर-26 होलसेल की मंडी है। परिदा ने कहा कि होलसेल विक्रेताओं को भी मंडी में फैला दिया जाएगा, ताकि कोरोना के वायरल का खतरा कम हो जाए। सेक्टर-26 की मंडी को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं है, सिर्फ सावधानी बरतने की जरूरत है।
एजवाइजर मनोज परिदा की अपील के बावजूद वीरवार को सेक्टर-26 की मंडी में लोगों की भारी भीड़ पहुंची। स्थिति इतनी खराब हो गई कि जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने स्थिति को संभाला और माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को जागरूक किया। इसके अलावा वीरवार से ही सेक्टर-26 की मंडी में सैनिटाइजेशन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।