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कैप्टन बोले- देश में 58 पंजाब में 87% लोग होंगे कोरोना ग्रस्त, पीजीआई बोला- नहीं हुई ऐसी रिसर्च

Fri, 10 Apr 2020 09:19 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : एएनआई
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मेडिकल विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा है कि जुलाई-अगस्त तक भारत की 58 फीसदी और पंजाब की 87 फीसदी आबादी कोरोना वायरस की चपेट में आ सकती है। वहीं, पीजीआई ने कहा है कि उन्होंने इस तरह की न कोई रिसर्च की है। इसके अलावा न उनके और उनके किसी अधिकारी की तरफ से इस तरह का कोई बयान दिया गया है। 

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ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से शुक्रवार को दिल्ली से मीडिया के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये करवाई गई बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरी माहिरों और वैज्ञानिकों के दिए संकेतों के अनुसार, यह महामारी भारत में जुलाई-अगस्त के महीने में शिखर पर पहुंचेगी। इससे भारत में 58 फीसदी और पंजाब में 87 फीसदी लोगों के प्रभावित होने की आशंका है।

गुरुवार को पंजाब में दर्ज हुए 27 पॉजिटिव मामलों (जो अब तक राज्य में एक दिन में आए सबसे अधिक केस हैं) की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ये केस सेकेंडरी ट्रांसमिशन के हैं। यह संकेत है कि राज्य सामुदायिक प्रसार (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) की तरफ जा सकता है। आने वाले हफ्तों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। 
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कैप्टन ने कहा कि भले ही संकेत चिंता भरे हैं लेकिन हम हर स्थिति से पूरी ताकत से निपटने को तैयार हैं। भले ही मौजूदा समय में पंजाब में ज्यादातर राज्यों के मुकाबले मामले कम हैं लेकिन अगर महामारी और फैलती है तो राज्य अकेला प्रभावित नहीं रह सकता। पंजाब इन तथ्यों के आधार पर इस बीमारी से जूझने के लिए तैयारी कर रहा है।

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पीजीआई के डॉक्टर प्रिंजा के आंकलन पर कैप्टन ने जताई आशंका

वहीं कैप्टन के बयान पर राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब और देश के संबंध में जो आशंका जताई जा रही है, वह डॉ. शंकर प्रिंजा का आंकलन है। डॉ. प्रिंजा पीजीआई में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के हेल्थ इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर हैं। 

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल द्वारा ट्वीट कर बताया गया कि डॉ. प्रिंजा और उनकी टीम को पंजाब का डाटा दिया गया। उन्होंने इस डाटा के साथ मानक गणितीय मॉडल का उपयोग करते हुए आंकलन उपलब्ध कराया है। 

जब तक रिसर्च तय मानकों के अनुसार पूरी न हो जाए, उसकी जानकारी नहीं दी जाती: पीजीआई  
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कोरोना प्रभावित की संख्या जुलाई-अगस्त में बढ़ने संबंधी बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसकी जानकारी पीजीआई प्रशासन को मिली तो उसने कम्युनिटी मेडिसिन एंड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट से जानकारी मांगी। विभाग के प्रमुख ने बताया कि उनके विभाग में इससे जुड़ी कोई रिसर्च नहीं चल रही है। इसके अलावा न ही उनके विभाग के किसी डॉक्टर ने किसी मीडिया या अन्य किसी को भी इससे जुड़ा कोई बयान दिया है। 

पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि पीजीआई एक शोध संस्थान है। यहां सैकड़ों शोध कार्य होते रहते हैं। लेकिन जब तक कोई रिसर्च तय मानकों के अनुसार पूरी न हो जाए, उससे जुड़ी जानकारी किसी को नहीं दी जाती। अगर कोई उसे बाहर साझा भी कर ले तो वे मान्य नहीं होती। जहां तक कोरोना वायरस को लेकर भारत में उसके संक्रमण की स्थिति पर की रिसर्च की बात है तो ऐसा कुछ फिलहाल पीजीआई के किसी डिपार्टमेंट में नहीं चल रहा।
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