इसके लिए संबंधित जिलों के उपायुक्त अस्पताल प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश देंगे। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा को कोरोना वायरस की मॉनिटरिंग एवं निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। किसी भी विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने से पहले नोडल अधिकारी की स्वीकृति लेनी अनिवार्य होगी।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, महाराज अग्रसेन कॉलेज अग्रोहा, शहीद हसन मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ नूंह, पीजीआई रोहतक के लिए दूसरी लैब तथा पंचकूला के सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल के लिए कोरोना वायरस जांच लैब के लिए केंद्र सरकार से मांग की गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाजरी को पूरे राज्य के लिए लागू किया गया है।
सरकारी कर्मचारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। लोगों में इस वायरस से लड़ने के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने में सरकारी कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रहेगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद के ईएसआई अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय से अनुरोध किया जाएगा।
24 घंटे ड्यूटी को तैयार रहें एनएचएम कर्मी
एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने सुबह में अपने सभी स्टाफ को 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार रहने की अपील की है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रेहान रजा ने बताया कि पूरे हरियाणा में एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी इस परिस्थिति में 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार हैं। इसके लिए कर्मचारी न तो किसी अतिरिक्त भत्ते की मांग करेंगे और न ही ओवरटाइम की। रेहान रजा ने अपील की संकट की इस घड़ी में जनता के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार के इस बाबत सभी निर्देशों और हिदायत ओं की पालना करें।
कोरोना के महामारी घोषित होने के बाद भी सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए हैं। जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार से पूछा है कि जनता की रक्षा करते और महामारी से लड़ते हुए अगर सफाई कर्मचारियों की मौत होती है तो सरकार उन्हें क्या शहीद का दर्जा एवं शहीदों को मिलने वाली सुविधाएं देगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगम, बोर्ड, यूनिवर्सिटी व गांव में लगे लगभग 50 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों के जीवन के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। 6 मार्च, 2020 को सरकार व सभी निगम आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों व पालिका सचिवों को पत्र लिखकर सफाई कर्मचारियों व सीवरमैनों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क, गलब्ज, सैनिटाइजर, डिटॉल आदि उपलब्ध करवाने की मांग की थी, लेकिन शहरी स्थानीय निकाय व अन्य विभागों के अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को यह वस्तुएं उपलब्ध नहीं कराईं गईं। सुरक्षा उपकरण केवल रोहतक, फरीदाबाद, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, धारूहेड़ा, बावल, नारनौल, नांगल चौधरी, भिवानी, रोहतक, अंबाला शहर, अंबाला कैंट, नारायणगढ़, फतेहाबाद में ही वितरित किए गए हैं।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश तुषामड, महासचिव मांगेराम तिगरा, उप महासचिव शिवचरण व सुनील चिंडालिया व अग्निशमन विभाग आउटसोर्सिंग एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिनद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक 70 स्थानीय निकायों में कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी उपकरण मुहैया नहीं कराए गए हैं। इससे प्रदेश के सफाई कर्मचारियों में आक्रोश है। बावजूद इसके वे जनहित को ध्यान में रखते हुए दिन रात मेहनत कर हरियाणा प्रदेश की जनता को इस महामारी से बचाने के लिए जी जान से मेहनत कर रहे हैं।