रोहतक पीजीआईएमएस ने 15 और वॉलंटियर को कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन की ट्रायल डोज दी है। सभी का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है, किसी को कोई रिएक्शन नहीं हुआ है। इससे पहले भी संस्थान 20 वॉलंटियर को डोज दी जा चुकी है। यह जानकारी रिसर्च की प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा ने दी। डॉ. वर्मा संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग में बतौर प्रोफेसर तैनात हैं।
डॉ. वर्मा ने बताया कि शुरुआत में देश भर के 12 रिसर्च सेंटरों को 50 वॉलंटियर को कोवैक्सीन की ट्रायल डोज देनी थी। इसमें जब कोई रिएक्शन देखने को नहीं मिला तो अब देश भर में 325 वॉलंटियरको ट्रायल डोज दी जानी है। पहले फेज में 375 वॉलंटियर को यह डोज देनी है, इसमें से 50 पूरे हो चुके हैं। इस 50 में 20 अकेले हमारे पीजीआईएमएस रोहतक से वॉलंटियर हैं।
अब जो डोज वॉलंटियर को दी जा रही है वह मिक्स है। इसमें लो व हाई डोज दोनों शामिल हैं। इसमें देखा जाएगा कि कोरोना से बचाने के लिए हमें हाई डोज की जरूरत है या लो डोज से काम चल जाएगा। यदि लो डोज वाले वॉलंटियर के शरीर में अधिक एंटी बाडी बनती हैँ तो हाई डोज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।