चंडीगढ़। पीयू के छात्रावासों में रह रहे शोधार्थियों की कोरोना जांच अनिवार्य नहीं है, जो छात्र जांच करवाना चाहते हैं उन्हीं की जांच होगी। बाकी पर पीयू के अधिकारी या वार्डन दबाव नहीं बना सकते। कुछ छात्रावासों के वार्डनों ने यह बात छात्रों से कही है। इससे छात्रों को राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर यह भी साफ कर दिया गया है कि छात्रावासों से शोधार्थियों को जबरन नहीं निकाला जाएगा। उनकी मर्जी है कि वह जाएं या नहीं। उधर, सोमवार को हुई जांच में दो की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बता दें रविवार को पीयू व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्ल्स छात्रावास संख्या एक व दो में जाकर विद्यार्थियों की कोरोना जांच करनी चाहिए, जिसका कुछ विद्यार्थियों ने विरोध किया। उनकी मांग थी कि विद्यार्थी की मर्जी पहले जानी जाए कि वह जांच करवाना चाहते हैं या नहीं। छात्रों के विरोध के कारण ही रविवार को जांच कम हो सकी। इसका असर सोमवार को देखने को मिला। छात्रों के आक्रोश को बढ़ता देख सोमवार को कुछ वार्डन ने छात्रों को फोन करके जानकारी दी। कहा कि किसी भी छात्र की जांच उनकी बिना मर्जी के नहीं होगी। इससे छात्र खुश हैं।
वहीं कुछ छात्रों ने कहा है कि छात्रावासों में लगभग 300 शोधार्थी हैं। उनके लिए एक मेस व एक कैंटीन खुली है, जो नाकाफी है। एक मेस और खोली जाए ताकि छात्रों को सुविधा मिल सके।