फिरोजपुर सिविल अस्पताल में कोरोना पीड़ित मरीज खुद वार्ड की सफाई करते हुए।
सिविल अस्पताल फिरोजपुर में दाखिल कोरोना पीड़ित मरीज खुद अपने वार्ड की सफाई करने को मजबूर हैं, क्योंकि शौचालय, बाथरूम और कमरों में गंदगी फैली है। यहां पर मरीजों के ठीक होने के बजाय और बीमार होने की आशंका है। यही नहीं मरीजों को पौष्टिक भोजन तक नहीं दिया जा रहा है। दाल और चपाती ही दी जा रही है। मरीजों को न तो ड्राई फ्रूट और न ही गर्म पानी दे रहे हैं। इस संबंध में कोरोना मरीजों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
वायरल वीडियो में एक महिला बोल रही है कि एसएमओ साहब, देख लो मेरी बेटी कोरोना पीड़ित है, जो अस्पताल में खुद वार्ड साफ करने को मजबूर है, क्योंकि वार्ड में कितनी गंदगी है और कोई सफाई कर्मी साफ करने नहीं आ रहा है। बीमार व्यक्ति ऐसे काम करेगा तो वो खुद और बीमार हो जाएगा। कोई भी सफाई कर्मी वार्ड में कई दिन से सफाई करने नहीं आया है। जिस डॉक्टर के पास मरीजों का चार्ज है, वो भी मरीजों की बात सुनने को तैयार नहीं है। मरीज कहते हैं डॉक्टर अस्पताल में कम अपने घर में ज्यादा समय रहता है।
अस्पताल में कोरोना पीड़ित बुजुर्ग कहती है कि उसे न तो दूध और न ही गर्म पानी मिलता है। भोजन भी ठीक नहीं मिल रहा है, ऐसा भोजन खाने से और बीमार हो जाएंगे। किसी तरह का ड्राई फ्रूट भी मुहैया नहीं दिया जा रहा है। वीडियो में डॉक्टरों की साफ लापरवाही दिखाई जा सकती है कि बेड पर सफेद चादर तक नहीं बिछी है।
मरीजों ने घर से मंगवाकर चादर बिछाई है। वार्ड के फर्श पर गंदगी फैली है। बाथरूम में पानी भर हुआ है। शौचालय में इतनी गंदगी है कि वहां जाते ही उल्टी आ जाए। कई मरीजों की शिकायत है कि उन्हें दवा ठीक से नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा कई मरीज ठीक हैं, उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही है। कोरेना वार्ड के इंचार्ज डॉ. जेएस गोराया ने कहा कि कुछ शिकायतें हमारे सामने आई हैं। मरीजों को जो दिक्कतें आ रही हैं, उनके समाधान के लिए कह दिया गया है।