अब दोनों अस्पतालों में अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। उधर, बुजुर्ग मरीज की हालत नाजुक बताई जा रही है। अब तक मरीज का न तो यात्रा इतिहास पता चला है और न ही यह पता चला है कि अस्पताल आने से पहले वह कितने लोगों के संपर्क में आया था। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नयागांव सहित पूरे जिले को सील कर दिया है। नयागांव से संक्रमित बुजुर्ग के परिवार, मकान मालिक व अन्य किराएदारों के 12 ब्लड सैंपल ले लिए गए हैं। वहीं सोमवार को जिले से कुल 20 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
मोहाली के सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह के मुताबिक, मरीज पंजाब पुलिस का रिटायर्ड कर्मचारी है और वह पहले से ही लंग्स इंफेक्शन का शिकार था। वह अपनी पत्नी, बेटे, बहू व पोती के साथ पिछले दो साल से नयागांव में किराए के मकान में रह रहा था। इस नए केस के मिलने के बाद मोहाली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सात हो गई है।
सिविल सर्जन ने बताया कि नयागांव में कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। नयागांव को सुबह ही सील कर दिया गया था जबकि दोपहर होते-होते पूरे जिले को ही सील कर दिया गया। नयागांव में सेहत विभाग की टीम ने पहुंच कर जांच के लिए लोगों के सैंपल लिए। इसके साथ ही संक्रमित मरीज के परिवार को सेहत विभाग ने अपनी निगरानी में ले लिया है।
सोमवार दोपहर आई मौत की खबर, पीजीआई ने नहीं की पुष्टि
सोमवार दोपहर को संक्रमित बुजुर्ग की मौत की खबर फैल गई। हालांकि पीजीआई ने इसकी पुष्टि नहीं की। सिविल सर्जन द्वारा पीजीआई से संपर्क करने पर बताया गया कि मरीज का अभी इलाज चल रहा है। हालांकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मरीज पहले से ही फेफड़ों के संक्रमण का शिकार है, साथ ही हॉर्ट प्रॉब्लम भी है। बताया जाता है कि पिछले डेढ़ माह से बुजुर्ग की सेहत खराब चल रही थी। इसी के चलते 26 मार्च को परिवार ने उन्हें पीजीआई में दाखिल करवाया था।