लॉकडाउन के बाद से घरों में लोगों का रहन-सहन बदल गया है। परिवार के पुरुष तो कामकाज के लिए अब घरों से निकलने लगे हैं, लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखकर महिलाएं अभी भी बाहर निकलने से बच रही हैं। ऐसे में घर में ही रहना और स्वस्थ बने रहना, दोनों बड़ी चुनौतियां उनके सामने हैं। अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत वर्चुअली जाना गया कि वे कैसे खुद को व्यस्त और स्वस्थ रख रही हैं। महिलाओं का कहना था कि कोरोना काल चला जाएगा और फिर से बिंदास दौर आएगा।
मैंडी एंटरटेनमेंट्स संस्था से जुड़ीं मनीदीपा दास के संयोजन में हुए इस वर्चुअल संवाद में शहर की चुनिंदा प्रगतिशील महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उनका कहना था कि लॉकडाउन के दौरान तो हर दिन नई-नई गतिविधियों के साथ शुरू होता था, लेकिन अब वे रोमाचंक गतिविधियों में ज्यादा वक्त दे रही हैं। जैसे बार-बार जूम कॉल्स करना या फिर मजेदार वीडियो बनाना। इसके अलावा स्वस्थ रहने के लिए योग, ध्यान व प्राणायाम भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं।
मनीदीपा ने बताया कि कोरोना काल में संस्था से जुड़ीं महिलाओं को रोमांचक गतिविधियों में जोड़कर घर के माहौल को मज़ेदार बनाने में उन्होंने कई सक्रिय कदम उठाए। उनके हर दिन को मुस्कुराहट और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ मजेदार बनाया और उन्हें व्यस्त व स्वस्थ बनाए रखने की हरसंभव कोशिश की। इस वर्चुअल संवाद में उनके साथ जुड़ीं थीं रश्मि पुष्पाकर, अर्श, सरिता और अनंघा, जिन्होंने कोरोना काल के अपने-अपने अनुभव साझा किए।