कोरोना के मरीजों की लगातार घटती संख्या से अस्पतालों की ओपीडी के फिर से खुलने की उम्मीद जगने लगी है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि अगर यही स्थिति अगले कुछ दिनों तक बरकरार रही तो ओपीडी शुरू करने का निर्णय ले लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कोरोना के मरीजों की संख्या कम होने के कारण कोविड में लगाए गए डाक्टर और स्टाफ पर काम का दबाव कम हो रहा है। ऐसी स्थिति में नॉन कोविड मरीजों को राहत देने के प्रयास शुरू करने को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
डॉ. कंग का कहना है कि जीएमएसएच-16 और उससे जुड़े सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में लगभग 65 प्रतिशत ओपीडी संचालित की जा रही है। शत प्रतिशत ओपीडी संचालन के लिए सामाजिक दूरी और अन्य मानकों के अनुसार, मरीजों को देखने की व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया गया है ताकि नॉन कोविड मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
स्कूल से ज्यादा जरूरी ओपीडी चलाना
हल्लोमाजरा के प्रेम रंधवा का कहना है कि कोरोना के नाम पर नॉन कोविड मरीजों को इलाज से दूर रखा जा रहा है। प्रशासन रेस्टोरेंट, होटल, बाजार, शॉपिंग मॉल सब कुछ संचालित कर रहा है लेकिन अस्पताल की ओपीडी के नाम पर संक्रमण का हवाला देकर उसे बंद रखा गया है।
वहीं, सेक्टर-52 निवासी शिल्पी सिंह का कहना है कि अब तो स्कूल खोलने का भी आदेश जारी कर दिया गया है। मेरी समझ में एक बात नहीं आ रही है कि संक्रमण के बीच बच्चों को स्कूल बुलाने का निर्णय लिया जा सकता है तो नॉन कोविड मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए ओपीडी संचालन को लेकर गंभीरता क्यों नहीं दिखाई जा रही।