कोरोना की जांच के लिए अब निजी लैब संचालक मनमानी कीमत नहीं वसूल पाएंगे। प्रशासन ने बुधवार को इसके लिए शुल्क तय कर दिए हैं। कोई भी निजी लैब संचालक अगर तय शुल्क से ज्यादा पैसे वसूलते पकड़े गया तो उनके खिलाफ कोरोना महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर तकनीक से कोरोना की जांच के लिए 1200 रुपये (प्रति जांच) और रैपिड एंटीजन तकनीक से जांच के लिए 650 रुपये (प्रति जांच) का शुल्क तय किया है। आदेश का पालन न करने परे आइपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।