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पंजाब में कोरोना की दूसरी लहर, किसान आंदोलन समाप्त होने पर भारी पड़ सकती महामारी

Mon, 30 Nov 2020 05:11 PM IST
ajay kumar वरिंदर राणा, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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सूबे में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है। अब इसके पीक में आने का समय है। इस खतरे के बीच दिल्ली में चल रहा किसान आंदोलन खत्म होने के बाद घर लौटने का सिलसिला शुरू होने पर बड़ी संख्या में लोग कोरोना का शिकार हो सकते हैं। इस गंभीर मुद्दे पर जिला प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि दिल्ली से लौटने वाले किसानों का प्रदेश की सीमा पर कोरोना टेस्ट कराया जाएगा।

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केंद्र की ओर से बनाए गए तीन कृषि कानून वापस कराने के लिए प्रदेश से लाखों की संख्या में किसान दिल्ली गए हैं। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि सूबों से किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। किसान आंदोलन के दौरान कोरोना गाइडलाइन की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। किसान आंदोलन के दौरान न मास्क पहन रहे हैं न सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। 
 


वहीं दिल्ली में कोरोना फिर तेजी से फैल रहा है। दिल्ली में चल रहा किसान आंदोलन समाप्त होने पर किसान अपने घरों को लौटेंगे। कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी के कारण किसानों के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

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सीरो रिपोर्ट में ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी बॉडीज कम

स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर में सीरो सर्वे करवाया था। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में औचक जांच की गई। ग्रामीण इलाकों के कूमकलां, पक्खोवाल, मानुपुर, सिधवाबेट व सुधार और अर्बन में जुगियाना, जनकपुरी, गिल, माधोपुरी, समराला से दो सौ सैंपल लिए। स्वास्थ्य विभाग के जुड़े सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में पता चला है कि शहर में 90 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज तैयार हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 50 फीसदी में ही यह एंटीबाडीज बनी है। 
प्रदेश में इस समय कोरोना की दूसरी लहर दस्तक दे चुकी है। अब इसके पीक पर आने का समय आ चुका है। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी भारी पड़ सकती है। - डॉ. विश्व मोहन, सदस्य, स्टेट कोविड टास्क फोर्स।
 
किसान आंदोलन खत्म होने के तुरंत बाद पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की जाएगी। किसानों की कोरोना जांच होने के बाद ही उन्हें पंजाब में आने दिया जाएगा। जिन किसानों में संक्रमण के कुछ लक्षण मिलेंगे, उन्हें अलग रखा जाएगा। अगर आइलोशन करने की जरूरत पड़ी तो किया जाएगा। इसके लिए सरकार के पास काफी जगह है। वहीं किसानों को उनके घरों में होम आइसलेट भी किया जाएगा।  - बलवीर सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब।
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