पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने वीरवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान प्रशासक ने कहा कि शहर में अब कोरोना वायरस के केस कम होते जा रहे हैं, ऐसे में सभी प्रमुख अस्पतालों को अपनी ओपीडी शुरू करने का प्रयास करना चाहिए।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में मौजूद डिस्पेंसरियों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का भी सुझाव दिया। बदनौर ने स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता को आदेश दिए कि वह योजना बनाएं, जिससे इन डिस्पेंसरियों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया जा सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि इन डिस्पेंसरियों में प्रत्येक सप्ताह पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया जाए ताकि लोग उन अस्पतालों में जाने की बजाए अपने सेक्टर में ही इलाज करवा सकें। बदनौर ने कहा कि इससे तीनों प्रमुख अस्पतालों में लोगों की भीड़ कम होगी।
बदनौर ने नगर निगम कमिश्नर केके यादव को आदेश दिया कि वह शहर में फागिंग और सैनिटाइजेशन आदि का कार्य जारी रखें ताकि मलेरिया, डेंगू व अन्य तरह की बीमारियां न फैल सकें। बैठक में बताया गया कि मोहाली में 869, पंचकूला में 334 और चंडीगढ़ में कोरोना वायरस के 1085 सक्रिय केस हैं।
शहर में कोरोना संक्रमण की दर चार से पांच प्रतिशत : जीएमसीएच
बैठक में मौजूद पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने बताया कि नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक में फिलहाल कोराना के 139 गंभीर मरीज भर्ती हैं। इनमें से 28 चंडीगढ़, 49 पंजाब, 22 हरियाणा और 13 हिमाचल प्रदेश जबकि कुछ अन्य प्रदेशों से संबंध रखते हैं। बताया कि उनके द्वारा लिए गए 612 कोरोना वायरस के सैंपल में से चंडीगढ़ में रहने वाले 34 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
वहीं, जीएमसीएच-32 के कार्यवाहक निदेशक ने बताया कि उनके द्वारा लिए गए कोरोना वायरस के 433 सैंपल में से 33 पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-48 के अस्पताल में भर्ती कोरोना के 182 मरीजों में से 152 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। बताया कि शहर में कोरोना के संक्रमण की दर 4 से 5 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉक्टर अमनदीप कंग ने बताया कि उनके द्वारा लिए गए 1208 कोरोना सैंपल में से 72 पॉजिटिव पाए गए हैं।