चंडीगढ़ में छह नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए
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चंडीगढ़ में कोरोना वायरस के मामलों में आई तेजी की वजह से एक बार फिर सख्तियों का दौर शुरू हो गया है। यूटी प्रशासन ने गुरुवार को छह नए कंटेनमेंट जोन बनाने की घोषणा कर दी है। इन इलाकों में किसी के भी आने-जाने पर रोक रहेगी। बुधवार को ही केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को कंटेनमेंट जोन नहीं बनाने को लेकर सवाल उठाए थे।
यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार सेक्टर-15 के मकान नंबर-3018 (एफएफ) और 3020 (एफएफ), सेक्टर-29 के 1755 और 1756, सेक्टर-33बी के 1651 से 1653, सेक्टर-38बी के 1552 से 1555, सेक्टर-44डी के 3195 से 3198 और सेक्टर-49ए (पुष्पक सोसाइटी) के मकान नंबर-1218 से 1227 तक को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।
इस इलाके में अनिवार्य सेवाओं में लगे लोगों को छोड़ अन्य किसी के भी जाने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा लोगों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के दिशा-निदेर्शों के अनुसार ही शहर में कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ केंद्र सरकार की तरफ से कोरोनावायरस को लेकर बनाए गए रेड जोन में शामिल है। ऐसे में कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभिन्न अधिकारियों की एक कमेटी ने कंटेनमेंट जोन बनाने का फैसला लिया है। आदेश में कहा गया है कि इस कमेटी में नगर निगम के कमिश्नर, डीसी, एसएसपी और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक शामिल हैं। इनकी सलाह के बाद ही इन मकानों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।
कंटेनमेंट जोन नहीं बनाने पर केंद्र ने उठाए थे सवाल
कोविड को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ केंद्र ने बीते दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की थी। बैठक में केंद्र ने कहा कि चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार केस बढ़ रहे हैं लेकिन शहर में माइक्रो कंटेनमेंट जोन नहीं बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि ये लापरवाही है, क्योंकि अगर कोई केस आता है तो उसके संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान जरूरी है।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन जरूरी है। इसके अलावा केंद्र ने अन्य राज्यों से आने वाले व विदेश से आने वाले लोगों की जानकारी रखने के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने प्रशासन को कहा है कि वह जरूरत के अनुसार अन्य राज्यों पर विदेश से आने वालों को लेकर फैसला ले सकता है।