फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा सांसद के विवादित बोल, कर्मचारी भड़के

Sun, 07 Dec 2014 08:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा नेता लगातार अपने विवादित बोलों की वजह से नया बवाल खड़ा कर रहे हैं। अब कुरुक्षेत्र के सांसद व भाजपा नेता राजकुमार सैनी ने कहा कि प्रदेश में कोई भी पक्का सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए। कच्चे कर्मचारी ही नौकरी जाने के डर से अच्छा काम करते हैं। वे शनिवार को जिमखाना क्लब कुरुक्षेत्र में आयोजित बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर बोल रहे थे।
विज्ञापन


सांसद ने कहा कि वह तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को बाकायदा इस संदर्भ में पत्र भेजकर मांग कर चुके हैं कि अब सभी की नौकरी कच्ची कर देनी चाहिए, इससे देश अपने आप आगे आ सकता है। इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर सारे खाली पद कांट्रैक्ट आधार पर भरने को कहा है। सांसद के इस भाषण की कर्मचारी संगठनों ने निंदा की है।

कार्यक्रम के दौरान सांसद ने कहा कि सरकार के पक्के मुलाजिम काम नहीं कर रहे, बल्कि कच्चे कर्मचारी नौकरी जाने के डर से बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पक्के कर्मचारियों को नौकरी जाने का डर नहीं होता, जबकि कच्चे कर्मचारी इस बात से डरकर काम करते हैं कि काम नहीं किया तो उनकी नौकरी जा सकती है।
विज्ञापन

आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा : संत कुमार

सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संत कुमार ने कहा कि सांसद को सोच समझकर बयान देना चाहिए। अगर एक सांसद ही इस तरह की बयानबाजी करेगा तो कर्मचारी वर्ग भी उनकी इस बात का जवाब देना जानता है।

सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष के मुताबिक सांसद ने पहले भी एक बयान दिया था कि अगर उन्हें पंजाब के सामान वेतनमान चाहिए तो पंजाब जाकर नौकरी कर लें, इस प्रतिक्रिया से पहले ही कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने पर विवश होना पड़े।
विज्ञापन

जल्द आपात बैठक बुलाई जाएगी : सकसं

सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि सांसद का बयान वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान से ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस बयान के विरोध में वे जल्द संगठन की आपात बैठक बुलाकर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि सांसद जनता का प्रतिनिधि होता है और जनता में कर्मचारी वर्ग भी अपना स्थान रखता है, इसलिए सांसद ने जो बयान दिया है उसे वापिस लेना चाहिए और भविष्य में कर्मचारियों पर बयानबाजी करते समय सोच समझकर बोलें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें