चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उद्घाटन से पहले ही विवाद में आ गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने एयरपोर्ट पर यात्रियों की देखरेख और उनके सामान लाने-जाने का काम एयर इंडिया की सहायक इकाई एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएटीएसएल) को दे दिया है और निजी विमान कंपनियों के स्टाफ पर एयरपोर्ट में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इसे निजी कंपनियों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। कंपनियों के मुताबिक उन्हें जुबानी तौर पर कह दिया गया है कि सोमवार से उनका ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ एयरपोर्ट में नहीं आ सकेगा। कंपनियों की दलील है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह तक स्टाफ की एंट्री की अनुमति भी है, लेकिन कहा गया है कि यह अनुमति रिन्यू नहीं की जाएगी।
दूसरी ओर, कंपनियों ने ग्राउंड हैंडलिंग उपकरणों पर बड़ी राशि व्यय की है और स्टाफ भी रखा है। यदि एक कंपनी को ग्राउंड हैंडलिंग का काम सौंप दिया गया तो निजी कंपनियों को भारी नुकसान होगा। कंपनियों ने यह भी कहा है कि चंडीगढ़ अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एएएआई, गमाडा और हुडा का साझा प्रोजेक्ट है। ऐसे में एएआई और नागरिक उड्ययन मंत्रालय किसी एक कंपनी को यह काम नहीं सौंप सकता।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस की ओर से याचिका में यह भी कहा गया है कि देश में एएआई के चल रहे अन्य एयरपोर्ट के बारे भी निजी कंपनियों को कहा जा चुका है कि वह एएआई की ओर से अधिकृत कंपनियों की ही ग्राउंड हैंडलिंग में सेवा लें।
कंपनियों की दलील है कि ग्राउंड हैंडलिंग एयरलाइंस का जरूरी हिस्सा है और चेक इन, सामान की देखरेख, लोडिंग-अनलोडिंग, एयरक्राफ्ट में खाना देने और कारगो हैंडलिंग की सेवाएं संबंधित कंपनियां ही देती हैं। कंपनियां अधिकतर एयरपोर्ट पर फ्लाइट और यात्रियों को खुद ही हैंडल करती हैं।
चंडीगढ़ में भी अभी तक कंपनियां अपने स्तर पर ही सेवा देती आई हैं, इससे कीमत कम पड़ती है और यात्रियों को समय पर सेवा दी जाती है। फेडरेशन ने ग्राउंड हैंडलिंग निजी कंपनियों को सौंपे जाने की मांग की है। मामले की सुनवाई सोमवार को होगी। सूत्र बताते हैं कि एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड का एएआई से करार हुआ है कि वह आमदन का 21 प्रतिशत एएआई को देगी।