चंडीगढ़ निगम चुनाव के लिए भाजपा के 23 सीटों पर उम्मीदवारों के एलान ने कई दिग्गजों के होश उड़ा दिए हैं। इनमें से कई वर्तमान पार्षद और पूर्व मेयर भी हैं। सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि पूर्व सांसद सत्यपाल जैन के सबसे नजदीकी और खास देवेश मोदगिल का नाम सूची से गायब है।
इसके अलावा पूर्व मेयर राजेश कालिया, आसा जसवाल, पार्षद राजेश गुप्ता बिट्टू, पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली, पार्षद महेशइंदर सिद्धू, पार्षद हीरा नेगी, पार्षद राजबाला मलिक, पार्षद व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद का नाम न होने से पार्टी में खलबली मच गई है। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि अभी 12 सीटों का एलान बाकी है। पहली सूची में जिनकी घोषणा की गई है, वह सभी जीतने वाले प्रत्याशी हैं। सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इनके नामों की घोषणा की है। पूर्वांचल के एक कद्दावर नेता को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थक मायूस हैं। यह नेता 10 साल तक पार्टी का उपाध्यक्ष रहा है।
सेक्टर-37 और 38 से उम्मीदवार की घोषणा नहीं, सूद लड़ सकते हैं चुनाव
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद चुनाव लड़ेंगे या नहीं, ये संशय बरकरार है। हालांकि पहली सूची में उनके वार्ड से किसी को टिकट नहीं दी गई है। सूद वार्ड नंबर-25 से चुनाव लड़ सकते हैं। इस वार्ड में सेक्टर-37 और 38 आते हैं। अपने चुनाव लड़ने के सवाल पर सूद ने कहा कि पार्टी अगर उन्हें चुनाव लड़ने को कहेगी तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ सकती हैं, क्योंकि वह एक सरकारी कर्मचारी हैं। सूद का वार्ड एक जनरल वार्ड है, इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी चुनाव लड़ेंगे।