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बॉर्डर पर शिअद के धरने को लेकर मचा बवाल

Tue, 30 Dec 2014 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ड्रग्स तस्करी के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल द्वारा बॉर्डर पर दिए जाने वाले धरने को लेकर बवाल हो गया है। शिअद ने पंजाब में नशे की आमद नहीं रुकने के लिए बीएसएफ को जिम्मेदार ठहराने और सीमा पर धरना देने के फैसले का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने भी शिअद पर जमकर निशाना साधा है।
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प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने शिअद द्वारा सीमा पर धरने को नासमझी करार देते हुए कहा कि पाक सीमा पर हालात पहले ही गंभीर हैं। यह धरना विद्रोह का रूप है। परेशान हालात में निगरानी करने वाले बीएसएफ के जवानों के खिलाफ धरना, केंद्र सरकार के खिलाफ धरना है।

बाजवा ने राष्ट्रपति से मांग की कि राज्य सरकार को तुरंत बर्खास्त कर पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने मांग की कि डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ देशद्रोही बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किया जाए।
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बाजवा ने कहा कि सुखबीर सिर्फ ड्रग रैकेट में बिक्रम सिंह मजीठिया की शमूलियत से लोगों का ध्यान भटकाने को कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

बॉर्डर पर धरना देश की रक्षा के ‌लिए खतरा

नेता प्रतिपक्ष सुनील जाखड़ ने बीएसएफ के खिलाफ भारत-पाक सीमा पर धरने की घोषणा को देश की रक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।

उन्होंने कहा कि इससे बीएसएफ जवानों का मनोबल गिर सकता है। जाखड़ ने कहा कि शिअद सदन में कांग्रेस द्वारा नशे का मुद्दा उठाने के बाद अपनी बदनामी छिपाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि सीमा पार के नशे से जवानी नहीं बर्बाद हो रही, बल्कि गलियों में फैल चुके 6000 करोड़ के सिंथेटिक ड्रग रैकेट इसके लिए जिम्मेदार हैं।

जाखड़ ने कहा कि इसमें मंत्रियों और नेताओं की संलिप्तता सामने आई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से समय मांगा है।
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बीएसएफ के खिलाफ धरना ड्रामा: सरना

शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने सोमवार को शिअद (बादल) के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल की ओर से सीमा सुरक्षा बल के खिलाफ धरना देने का एलान को ड्रामा करार दिया। साथ ही कहा कि यह बादल का एक हास्यास्पद राजनीतिक फैसला है।

सुखबीर बादल को यदि धरना देना है तो वह दिल्ली में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ धरना दें, ताकि केंद्र सरकार को पता चला सके कि पंजाब में नशे की तस्करी के लिए जिम्मेदार कौन है?

सरना ने सोमवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं। अकाली दल बादल ने एसजीपीसी व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में ही नशे का दरिया बहा दिया था। नशे के खिलाफ शोर मचाने वाले सुखबीर बादल की नैतिकता उस समय कहां चली गई थी, जब वह चुनाव में नशा बांट रहे थे।

उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल के रिश्तेदार मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया नशे को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच घेरे में हैं। छह हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स तस्करी के रैकेट में आरोपी जगदीश सिंह भोला, अकाली दल बादल के महासचिव मनजिंदर सिंह औलख ने पुलिस की पूछताछ के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिया है।
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